गर्मी की छुट्टी में मिड डे मील बांटने का आदेश वापस

कानपुर संवाददाता: गर्मी की छुट्टियों में भी सूखाग्रस्त जिलों में मिड डे मील बांटने का आदेश शासन ने सोमवार को वापस ले लिया। अब दो जून से स्कूलों में मिड डे मील वितरण नहीं होगा। स्कूलों में छात्र संख्या शून्य होने के कारण शासन बैकफुट पर आ गया है। 21 मई को जारी हुए आदेश से लेकर अब तक अधिकांश स्कूलों में ताला पड़ा हुआ था। न तो स्कूलों में मिड डे मील बन रहा था न तो एनजीओ द्वारा सप्लाई किया जा रहा था।

बेसिक शिक्षा अधिकारी राजेंद्र प्रसाद यादव ने बताया कि बेसिक शिक्षा सचिव ने सोमवार को मिड डे मील के वितरण की समीक्षा की। उन्हें बताया गया कि छुंट्टी के कारण स्कूलों में बच्चें नहीं आ रहे हैं। इसके बाद उन्होंने दो जून से गर्मी की छुंट्टी के दौरान इसे बंद करने के निर्देश दिए।

वहीं सोमवार सुबह  टीम ने मिड डे मील बांटने के आदेश का स्कूलों में जाकर सत्यापन किया। टीम सुबह दस बजे प्राथमिक कन्या विद्यालय वार्ड 71 गांधी ग्राम पहुंची तो स्कूल में ताला पड़ा था। आसपास रहने वाले लोगों ने बताया कि 20 मई के बाद स्कूल नहीं खुले, न शिक्षक-शिक्षिकाएं आए और न बच्चे। प्राथमिक विद्यालय बिठूर स्टेशन खुला था। यहां पर हेडमास्टर मुनीस कुमार और सहायक अध्यापिका बृजबाला उपस्थित थीं लेकिन स्कूल में बच्चे एक भी नहीं थे। मुनीस कुमार ने बताया कि विद्यालय में 110 बच्चे हैं। 20 मई को स्कूल बंदी की घोषणा के बाद से कोई बच्चा नहीं आता है। न ही खाना सप्लाई करने वाली एनजीओ ही भेज रही है। प्राथमिक विद्यालय राजापुरवा में भी ताला पड़ा हुआ था।

 

21 मई को मिड डे मील प्राधिकरण द्वारा प्रदेश के 58 सूखाग्रस्त जिलों के प्राथमिक और उच्चतर माध्यमिक स्कूलों के बच्चों के लिए सुबह 9 से 11 बजे के बीच मिड डे मील बनाने के आदेश जारी हुए थे। आदेश आने के बाद से ही शिक्षक शिक्षिकाएं इससे नाराज थे। विरोध भी वाजिब था क्योंकि भीषण गर्मी से बच्चों को बचाने के लिए स्कूलों में गर्मी की छुंट्टी की गई थी और उन्हीं बच्चों को इसी भीषण गर्मी में मिड डे मील खाने के लिए बुलाने के लिए कहा जा रहा था।

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