जलनिगम की मनमानी, जनता प्यासी|नाले में बह रहा पानी बूंद-बूंद को तरस रहे

कानपुर: शहर के दक्षिण क्षेत्र की जनता जलनिगम की मनमानी के कारण बूंद-बूंद पानी का संकट ङोल रही है। गुजैनी में नौ माह पहले 28.50 एमलडी क्षमता का दूसरा वाटर वर्क्‍स बन गया था, लेकिन नई पाइप लाइन अभी नहीं पड़ पायी है। इसके चलते दोनों वाटरवर्क्‍स से पुरानी पाइप लाइन के जरिए जलापूर्ति की जा रही है। इससे लाइन में आए दिन लीकेज होने से पानी बर्बाद होता रहता है।

गुजैनी में जेएनएनयूआरएम के तहत नवंबर 2009 में 377.79 करोड़ रुपये से दूसरा 28.50 एमलडी क्षमता का वाटर वर्क्‍स बनना शुरू हुआ था। पांच वर्ष कछुआ चाल काम के बाद सितंबर 2014 में वाटर वर्क्‍स बनकर तैयार हो गया। लेकिन जल निगम नई पाइप लाइन का काम प रा नहीं कर पाया। इस कारण दोनों वाटर वर्क्‍स को क्रम से चलाकर पुरानी पाइप लाइन से ही जलापूर्ति की जाती है। इससे आए दिन लीकेज होने से कई क्षेत्रों में जलापूर्ति ठप हो जाती है। लोगों को सबमर्सिबल पंप वाले घरों से पानी लेना पड़ता है, या हैंडपंपों पर कतार लगानी पड़ती है। 1 लापरवाही के चलते कई मोहल्लों में महीनों से लीकेज पाइप लाइन सही नहीं हो सकी है। पानी बहने के साथ ही सड़कें भी टूट रही हैं।

पाताल में भी पानी का अकालनौबस्ता के केशवनगर, बर्रा सचान चौराहा, दबौली, रतनलाल नगर, जनता नगर, निराला नगर, बारादेवी, जूही, किदवई नगर क्षेत्रों में कई जगह महीनों से लीकेज है। कई जगह लीकेज के पास लोग बाल्टी से पानी भरते हैं। उधर, शास्त्री चौक से बर्रा सचान चौराहे वाली सड़क, दीप टाकीज रोड, किदवईनगर में संजय वन मार्ग पर छह माह पहले खोदाई कर लाइन डाली गई थी, जो अधूरा पड़ा है। आधी सड़क तक पड़े पाइप वाहन सवारों के लिए हादसों का सबब बनते रहते हैं।पानी के लिए घंटों इंतजार करते लोग।

 

नाले में बह रहा पानी बूंद-बूंद को तरस रहे

d3240कानपुर : बर्रा-4 जनता नगर में रविवार को एक निजी मोबाइल कंपनी द्वारा केबिल डालने के दौरान पाइप लाइन तोड़ दी गयी थी। कई जगह लीकेज होने से क्षेत्र में जलापूर्ति ठप पड़ी है। पानी नाले में बह रहा है और लोग बूंद-बूंद को तरस रहे हैं। जनतानगर में एक निजी कंपनी के मोबाइल टावर में 4 जी की लाइन डालने के लिए रविवार को अंडरग्राउंड केबिल डालने के दौरान पानी की पाइप लाइन कई जगह टूट गई थी। इससे क्षेत्र के करीब 12 हजार घरों में जलापूर्ति ठप हो गई थी। लीकेज के चलते हुए जलभराव से कई घरों की दीवारें धंसने से हड़कंप मच गया था। बिजली का पोल धंसकर झुक गया था। अब तक न तो जलनिगम ने जलापूर्ति बंद की है और न ही केस्को कर्मचारी धंसे पोल को सही करने आए हैं। 1टैंकर के नाम पर दिखाया ठेंगा: पार्षद नवीन पंडित द्वारा क्षेत्र में जल संकट की जानकारी देने पर जलकल अधिकारियों ने बुधवार को पानी के टैंकर भेजने का वादा किया। लेकिन शाम तक एक भी टैंकर नहीं आया। पार्षद ने कहा कि इस लापरवाही पर अफसरों को घेरा जाएगा, शिकायत शासन में की जाएगी।

पाताल में भी पानी का अकाल

बेहिसाब भूगर्भ जल दोहन व कम बारिश के चलते पाताल में भी पानी तेजी से कम होता जा रहा है। शहर में बीते तीन साल में सवा दो मीटर तक जलस्तर नीचे गिर गया है। इस समस्या के चलते चार हजार से अधिक हैंडपंप सूख चुके हैं। यही नहीं 15 सरकारी नलकूपों के साथ करीब 500 सबमर्सिबल पंपों ने भी पानी देना बंद कर दिया है। भूगर्भ जल दोहन पर जल्दी ही अंकुश नहीं लगाया गया तो भविष्य में हालात भयावह हो सकते हैं। शहर में जल संकट को देखते हुए बड़ी संख्या में लोगों ने सबमर्सिबल पंप लगा रखे हैं। नये क्षेत्रों में मकान बनाने से पहले लोग सबमर्सिबल पंप लगाते हैं, ताकि पानी के लिए परेशान न होना पड़े।

बिजली की आंख मिचौली और नलों में पानी न आने के कारण सबमर्सिबल पंप लगाने का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। लेकिन वर्षा जल संचयन का कहीं कोई इंतजाम नहीं किया जा रहा है। इधर बीते चीन-चार साल से बारिश भी कम हो रही है। इसके कारण भूगर्भ जल की स्थिति और खराब होती जा रही है। 1कानपुर, जागरण संवाददाता: बेहिसाब भूगर्भ जल दोहन व कम बारिश के चलते पाताल में भी पानी तेजी से कम होता जा रहा है। शहर में बीते तीन साल में सवा दो मीटर तक जलस्तर नीचे गिर गया है। इस समस्या के चलते चार हजार से अधिक हैंडपंप सूख चुके हैं। यही नहीं 15 सरकारी नलकूपों के साथ करीब 500 सबमर्सिबल पंपों ने भी पानी देना बंद कर दिया है।

भूगर्भ जल दोहन पर जल्दी ही अंकुश नहीं लगाया गया तो भविष्य में हालात भयावह हो सकते हैं। शहर में जल संकट को देखते हुए बड़ी संख्या में लोगों ने सबमर्सिबल पंप लगा रखे हैं। नये क्षेत्रों में मकान बनाने से पहले लोग सबमर्सिबल पंप लगाते हैं, ताकि पानी के लिए परेशान न होना पड़े। बिजली की आंख मिचौली और नलों में पानी न आने के कारण सबमर्सिबल पंप लगाने का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। लेकिन वर्षा जल संचयन का कहीं कोई इंतजाम नहीं किया जा रहा है। इधर बीते चीन-चार साल से बारिश भी कम हो रही है। इसके कारण भूगर्भ जल की स्थिति और खराब होती जा रही है।

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