ज्योति मर्डर केसः मनीषा मखीजा को कानपुर सेशन कोर्ट से मिली जमानत

कानपुर. यूपी के चर्चित ज्‍योति मर्डर केस में छह अभियुक्तों में शामिल मनीषा मखीजा को कानपुर सेशन कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। सोमवार को उसे फर्जी सिम के मामले में जमानत दे दी गई। बता दें कि आईपीसी की धारा 302 और 120 बी (हत्या की साजिश में शामिल) के मामले में हाईकोर्ट पहले ही मनीषा को जमानत दे चुका है।

ज्योति मर्डर केसः मनीषा मखीजा को कानपुर सेशन कोर्ट से मिली जमानतज्योति मर्डर केस के एक साल पूरा होने में सिर्फ एक महीना बाकी है। इस हत्याकांड में छह अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया था और सभी जेल में बंद हैं। इस केस की सुनवाई में सोमवार को फर्जी सिम के मामले में जिला जज अरुण कुमार गुप्ता के सामने जमकर बहस हुई। मनीषा मखीजा के वकील कमलेश कुमार पाठक ने कहा कि उनकी अभियुक्ता के खिलाफ 20 अगस्त 2014 को कानपुर के थाना स्वरुप नगर में केस दर्ज किया गया था, जिसमें धारा 147, 323, 364, 392, 302, 201, 120 बी और 412 लगाई गई थी।

फर्जी नाम और पते से खरीदे गए थे सिम
इसके बाद इसी केस से संबंधित एक और मुकदमा दर्ज किया गया था, जो फर्जी सिम के इस्तेमाल का था। कमलेश पाठक के अनुसार, थाना काकादेव में पीयूष श्यामदासानी और मनीषा मखीजा ने जिस सिम का इस्तेमाल किया था, उसे घटना को अंजाम देने के लिए फर्जी नाम और पते देकर खरीदे गए थे। हालांकि, जांच रिपोर्ट में मोबाइल नंबर एक ही व्यक्ति शंकर कुमार के नाम निकला, जोकि बांदा जिले के गांव खौड़ा का रहने वाला था। वहीं, उस गांव के प्रधान का कहना है कि इस नाम का कोई भी व्यक्ति उनके गांव में नहीं रहता है।
मनीषा के खिलाफ नहीं हैं सबूत
कमलेश ने जिला सेशन कोर्ट में यह भी कहा कि जब महिला अभियुक्त को 302, 201, 120 बी के मामले में हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है तो फर्जी सिम के मामले में भी जमानत स्वीकृत की जाए। मनीषा ने इस फर्जी सिम को पाने के लिए कोई फर्जी दस्तावेज नहीं दिए और न ही कोई ठगी की। इसके अलावा इस मामले में कोई भी सबूत अभियुक्ता के खिलाफ नहीं है।

Advertisements