योग की ललक ने बदली पार्क की झलक

अभिलाष बाजपेई, कानपुर

आधी आबादी में योग की अलख जगने लगी है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर योग करने के लिए कोई स्थान न मिलने के बाद महिलाएं आगे आई और सालों से बदहाल सिद्ध विनायक पार्क को खुद चमकाने का बीड़ा उठा लिया। अब पार्क की रंगत ही बदल गई है।

योग की ललक ने बदली पार्क की झलकबाबूपुरवा एनएलसी चौकी के सामने स्थित सिद्ध विनायक पार्क जुआरी और नशेबाजों का अड्डा था। क्षेत्र की जया, वंदना, यशोधरा, बीना, दया भदौरिया ने फैसला किया कि वह पार्क का जीर्णोद्धार कराएंगी। सभी ने चंदाकर पार्क में काम शुरू किया। महिलाओं के जज्बे को देख पुरुष भी आगे आए। आज इस पार्क की खूबसूरती देखने लायक हो गई है।

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सबसे पहले ठीक हुआ हैंडपंप :

सबसे पहले पार्क में लगे हैंडपंप को रीबोर कराया जिसमें नौ हजार रुपये का खर्च आया। इसके बाद सभी ने अपने घर से लाइन खींचकर पेड़ों में कुछ बल्ब लगाए ताकि रात में पार्क में कोई नशेबाजी न कर सके। अब हर रविवार सुबह छह बजे से ही लोग पार्क की सफाई में जुट जाते हैं।

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बच्चों को मिले नए संस्कार :

पार्क के जीर्णोद्धार से सबसे ज्यादा फायदा बच्चों को हुआ। बच्चों को खेलने के साथ योग की आदत पड़ रही है। बच्चों ने माता-पिता को पार्क की सफाई करते देखा तो उनके मन में भी इस तरह की भावनाएं उत्पन्न हुईं जो उनके आगे के जीवन के लिए बेहतर होंगी।

अब सौ रुपये महीना से होगा विकास :

यहां रहने वाले राकेश कुमार कौशल, शिवमोहन तिवारी, प्रमोद पांडेय, संजय डे, रमेश श्रीवास्तव, सतीश शर्मा, एके भदौरिया ने तय किया है कि सभी महीने में सौ-सौ रुपये पार्क के विकास के लिए देंगे।

 

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