कानपुर .रमजान के तीसरे जुमे को नमाज़ी उमड़े .मांगी देश और दुनिया में अमन की दुआएं

कानपुर .3 july 2015 .snn. आम दिनों में मुसलमान जुमे की नमाज़ अदा करने के लिए सुबह से ही तयारी शुरू कर देता है ,नमाजियों का हुजूम मस्जिदों में साफ़ सुथरे लिबास में पहुचता है   वहीँ ये जुमे की नमाज़ रमजान में होती है तो लोगों में उत्साह और भी बढ़ जाता है .आज रमजान का तीसरा जुमा था और भारी तादाद में लोग मस्जिदों में कुर्ता पाजामा और सर पर टोपी लगा कर समय से पहले ही मस्जिदों में पहुच गए सभी मस्जिदों में जगह कम पड़ने पर सड़कों तक सफें बिछ गयीं ,भीड़ और धुप को देखते हुए मस्जिद इन्तिजामिया ने सवेरे से ही सड़कों पर टेंट की व्यवस्था की थी जिस से नमाज़ी धुप से बचे रहे ,तेज़ धुप  और उमस के बीच भी लाखों की संख्या में बूढे बच्चे और जवान जुमे के नमाज़ अदा करने पहुचे और नमाज़ के बाद पूरी दुनिया और ख़ास कर अपने भारत में अमन और शान्ति की दुआएं मांगीं .नमाज़ में  लोगों की भीड़ को देखते हुए पुलिस ने सभी प्रमुख मस्जिदों के पास वाली सड़क पर ट्राफिक को डाइवर्ट किया .ख़ास तौर पर सिपाहियों की ड्यूटी लगाईं गयी थी जिस से की जाम की स्थिति न पैदा हो .१२;३० से शुरू हुआ नमाज़ का सिलसिला ३ बजे दोपहर तक चला .

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कानपुर. नहीं सुनाई दी मौत की आसमानी चिंघाड़

३ जुलाई २०१५  रमजान शुरू होने से कुछ रोज़ पहले अफवाह उड़ने वालों ने एक पर्चा जारी किया था जिसमे १५ रमजान यानी ३ जुलाई की सुबह एक आसमानी चिंघाड़ से लोगो को डराने की कोशिश की थी पर्चे में लिखा था की १५ रमजान की सुबह फजिर की नमाज़ के बाद लोग अपने घरों में चले जाएँ सब खिड़की दरवाज़े बंद कर  लें और जब आसमान से तेज़ चिंघाड़ सुनाई दे तो सजदे में गिर कर या कुद्दुसो पढे ,अपने कानो में रुई ठूंस लें .जो ऐसा नहीं करेगा हलाक  (मर )हो जाये गा .ये  साज़िश भरी कोशिश  इतनी कामयाब हुई की मुस्लिम क्षेत्रों में एक बड़ा तबका इसे सच मान बैठा और एक दुसरे से पूछने लगा की क्या एसा होगा ?जवाब किसी के पास नहीं था|

चूंकि जारी किये गए पर्चे में हदीस (मोहम्मद साहब के कथन )का हवाला दिया गया था लिहाज़ा कम पढे लिखे या पूरी तरह से अनपढ़ लोग इस झांसे में आकर डर के साये में १५ रमजान का इंतज़ार करने लगे .हालात और डर के बन गए जब कल रात कानपुर की कई मस्जिदों से ये कहा गया की आज की रात लोग नफिल नमाज़ें (विशेष नमाज़) पढे औए कुरान का पाठ करें .किसी तरह १४ रोज़ा बीता और १५ रमजान की शुरुआत हुई तो मुस्लिम इलाकों के मेडिकल स्टोरों पर रुई के बंडल खरीदने वालों की लाइन लग गयी कई स्टोरों पर रुई का स्टाक खत्म हो गया तो लोग दुसरे इलाकों से रुई खरीद कर ले गए .कोई ये नहीं बता रहा था की रुई की ज़रूरत क्या है बस सब रुई के बंडल खरीद रहे थे .कुछ समझदार लोगों ने स्थिति को समझ कर समझाने की कोशिश भी की मगर डरे लोग मानने को तयार नहीं हुए और रुई खरीद कर ही माने |

बता दें की इस पर्चे के बंटने  के बाद शुरू हुए अफवाहों के दौर को देखते हुए कानपुर के उलेमाओं ने संयुक्त रूप से अखबारों और पर्चों पोस्टरों के माध्यम से इसे साज़िश बताया था और साफ़ तौर पर कहा था की एसा नहीं होने वाला और पर्चे में लिखी हदीस कहीं से साबित नहीं होती इस हदीस पर यकीन न करें ये किसी की साज़िश है जिसका थोड़ा बहुत असर हुआ और कुछ लोगों में डर कम हुआ फिर भी एक बड़े तबके ने धर्म गुरुओं  की बात को नहीं माना और डर के साए में १५ रमजान तक जीते रहे ,आज सुबह फजिर की नमाज़ के बाद जब लोगों को कोई आवाज़ सुनाई नहीं दी तो चैन की नींद सोये .दोपहर जब लोग सो कर उठे तो आपस में पूछते दिखे के क्या कोई आवाज़ सुनाई दी थी?क्या पर्चे में दी गयी तारीख ग़लत तो नहीं थी ?इसका भी जवाब किसी के पास नहीं.सब ने शुक्र अदा किया की आसमानी चिंघाड़ से महफूज़ रहे|

कानपुर.अंजुमन अल फलाह मुस्लिमीन की जिलाधिकारी से बिजली पानी की माँग.

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abu obaida .कानपुर.रमजान में बिजली पानी के संकट से जूझ रहे मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों को परेशानी से निजात दिलाने के लिए अंजुमन अल फलाह मुस्लिमीन का एक प्रतिनिधि मंडल अध्यक्ष मोहम्मद इमरान की अगुवाई में जिलाधिकारी से मिला .जिलाधिकारी रोशन जैकब  को संबोधित पत्र में बेकन गंज, चमनगंज, तलाक़ मोहाल , कुलीबाजार आदि इलाकों की घनी आबादी में आये दिन बिजली संकट की शिकायत की गई है ,जिलाधिकारी को अवगत कराया गया की इन बस्तियों में लाखों रोज़ेदार रहते हैं जिन्हें सारा दिन बिजली नहीं मिलती अगर मिलती भी है तो स्थानीय फाल्ट से संकट खडा हो जाता है जिस से रेज़ेदारों को पानी नहीं मिलता और उन्हें इबादत में दिक्क़त होती है .इस अवसर पर मोहम्मद इमरान ने कहा की यूं तो पूरे शहर में बिजली का संकट है मगर मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में ये कुछ ज्यादा है ,उन्हों ने कहा की रोजा इफ्तार से ठीक पहले बिजली ज़रूर कट होती है जिस के चलते रोज़ा रखने वाले गर्मी में तड़प उठते हैं .जिलाधिकारी ने अंजुमन अल फलाह मुस्लिमीन की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तुरंत केस्को एमडी से फ़ोन पर बात की केस्को की तरफ से आश्वासन दिया गया की इन शिकायतों को ध्यान में रख कर स्थानीय फाल्टों को जल्द से जल्द ठीक कराया जाये गा .इमरान ने कहा की जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन का नतीजा है आज ज्यादातर मुस्लिम इलाकों में बिजली कम से कम गयी .इस अवसर पर मोहम्मद इरफ़ान,अखलाक अहमद ,अफज़ल असलम ,मोहम्मद वसीम,रिजवान हामिद,मोहम्मद अनवर,इरशाद चाँद आदि मौजूद थे .

 

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