मेट्रो के लिए राइट्स ने जाना भूमि का सर्किल रेट

metroकानपुर : मेट्रो परियोजना को धरातल पर लाने के लिए भूमि की दरों का आंकलन शुरू हो गया है। ट्रैक बिछाने और स्टेशनों के लिए भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। ऐसे में राइट्स दरों को डीपीआर में शामिल करने की प्रक्रिया में जुट गई है। राइट्स के अधिकारियों ने बुधवार को एडीएम वित्त एवं राजस्व के कार्यालय में रूट पर पड़ने वाले स्थलों का सर्किल रेट लिया।

आईआईटी से नौबस्ता तक मेट्रो के 22 स्टेशनमेट्रो रेल परियोजना के डीपीआर बनाने का काम रेलवे से जुड़ी राइट्स कर रही है। 31 जुलाई तक डीपीआर मुख्य सचिव को सौंपा जाना है। ऐसे में कंपनी ने स्टेशनों और डिपो की स्थापना के लिए स्थल चिह्नित कर लिया है। स्टेशनों की डिजाइन तैयार कर ली गई है। तय हो गया है कि कहां से कहां तक ट्रैक भूमिगत होगा और कहां से कहां तक ऐलीवेटेड। अब सिर्फ भूमि की दरों का आंकलन किया जाना शेष है। भूमि की दरों के आंकलन के बाद तय होगा कि परियोजना की लागत क्या होगी।

फिलहाल आईआईटी से नौबस्ता और सीएसए से जरौली तक दोनों रूट पर 25 हजार करोड़ के खर्च की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि डीपीआर ही तय करेगा कि परियोजना की लागत क्या होगी। डीपीआर को मंजूरी मिलने के बाद भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कीजाएगी।

मेट्रो रूट पर बनेंगी 20 पार्किग

सिटी में मेट्रो दौड़ाने के लिए कोशिशें तेज हो गई है. मेट्रो के दोनों रूट, स्टेशन तय किए जाने के बाद अब पांिर्कग प्वाइंट्स फाइनल किए जा रहे हैं. फिलहाल मेट्रो स्टेशंस के लिए 20 पार्किग प्वाइंट्स चिन्हित किए गए है. इनमें आईआईटी से नौबस्ता के बीच आईआईटी, शुगर इंस्टीट्यूट, दलहन अनुसंधान केन्द्र, रावतपुर रोडवेज बस डिपो, मेडिकल कालेज, जीआईसी ग्राउंड, परेड ग्राउंड, क्राइस्ट चर्च कॉलेज, फूलबाग, सेंट्रल स्टेशन, बाबूपुरवा गौशाला की जमीन, बारादेवी, नौबस्ता सहित 20 स्थान चिंहित किए गए है. हालांकि इन पर फाइनल मुहर लगने अभी बाकी है. फ्राईडे को मेट्रो को लेकर शासन में भी मीटिंग होनी है. गौरतलब है कि मेट्रो की डिटेल प्रोजेक्ट राइट्स तैयार कर रही है. कमिश्नर से लेकर चीफ सेक्रेटरी तक मेट्रो को लेकर लगातार समीक्षा कर रहे है. इसी वजह से कानपुर में मेट्रो दौड़ाने की डीपीआर बनाने का काम अन्य सिटी से काफी आगे चल रहा है.

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