कानपुर। लाखों फ़रज़न्दगाने तौहीद ने ईद की नमाज़ अदा की।

रमज़ान के ३० रोज़ों और पूरे महीने की इबादत के बदले अल्लाह ताला की तरफ से आता किये गए ईद के दिन लाखों फ़रज़न्दगाने तौहीद ने  अदब ओ एहतराम के साथ नमाज़े दोगाना अदा की। बड़ी ईदगाह बेना  झाबर में नमाज़ का समय सुबह ९ बजे निर्धारित था मगर इस साल अपार भीड़ के लगातार पहुचने पर इंतिज़ामिया ने समय बढ़ा कर साढ़े नौ बजे कर दिया। भीड़ का आलम ये था की ईदगाह के बाहर सफें बढ़ते बढ़ते लकड़ मंडी रोड तक आगयीं वहीँ चुन्नी गंज की ओर तथा बजरया थाने के पीछे  पी रोड जाने वाली सड़क तक लोगों ने जानमाज़ बिछा ली। लगभग साढ़े नौ बजे जैसे ही कारी इलाही साहब ने सदा ए  अलल्हो अकबर बुलंद की लाखों हाथ उठे कानो तक गए और नियत बाँध ली ,पिछले चालीस वर्षों से भी अधिक समय से ईदगाह में इमामत कर रहे  कारी इलाही नक्श बंदी की खूबसूरत किरात सुन कर सभी झूम उठे। इमाम साहब ने क़ुरआन की आयतों के साथ नमाज़ पूरी की। दो रकअत नमाज़ के बाद सभी नमाज़ियों ने ईद का ख़ुत्बा बड़े अदब के साथ सुना ,ख़ुत्बे के बाद इमाम साहब ने दुनिया में सभी मरीज़ों को सेहत याब  करने की दुआ मांगी।

timthumbइमाम ईदगाह ने अल्लाह से दुआ की ,या अल्लाह हमारे मुल्क को अमन चैन का गहवारा बना दे ,हमारे मुल्क को आसमानी आफत से बचा ,सभी मस्जिदों  को आबाद कर ,बेटियों की शादी में आसानी फरमा ,लोगों को खुश हाल कर आदि। दुआ खत्म होते ही वो वक़्त आया जिसका सभी साल भर इंतज़ार करते हैं यानी एक दुसरे को गले लगा कर ईद मुबारक कहते हैं। आप यक़ीन मानिए की कानपुर की बड़ी ईद गाह में हज़ारों की संख्या में गैर मुस्लिम दोस्त  कुर्ते पैजामे और सरों पर टोपी लगा कर आते हैं  सुबह ६ बजे के आस पास  बाहर कैम्पों में नमाज़ खत्म होने का इंतज़ार करते हैं और कोशिश करते हैं की सब से पहले अपने मित्रों को वो गले लगा कर ईद की बधाई दें। ऐसा खूबसूरत मंज़र सभी अपनी आँखों में बसा लेना चाहते हैं , एक जैसी वह भूषा से कोई नहीं बता सकता की इनमे कौन हिन्दू है कौन मुसलमान ,सब के सब बस दोस्ती और मोहब्बत के रंगों में सराबोर होते हैं और  वहीँ से अपने मित्रों के साथ उनके घरों को जाते हैं फिर सिवइयों का दौर  चलता है बच्चों को ईदी देने का सिलसिला होता है ,विदा लेते समय अगली ईद के जल्दी आने की कामना की जाती है।

जिला प्रशासन का कैंप। नमाज़ के शान्ति और सद्भावना के साथ सम्पन्न होने के बाद लोगों का हुजूम प्रशासनिक और पुलिस के अधिकारियों साथ गले मिलने को आतुर दिखा। छोटे बच्चों ने जिलाधिकारी रोशन जैकब सहित कई अधिकारियों को फूल भेंट किये जिन्हे बड़ी मोहब्बत से क़ुबूल किया गया।IMG_0299IMG_0024-300x200

छोटे बच्चों का  झुकाव सब से ज़्यादा  डीएम  रोशन जैकब की तरफ था डी एम ने भी बड़े प्यार से सभी बच्चों के फूल स्वीकार किये और सब के सरों पर हाथ फेर ईद की मुबारकबाद दी। इस अवसर पर आई जी जोन कानपुर आशुतोष पाण्डेय,एसएसपी शलभ माथुर ,एडीएम अविनाश सिंह ,सीएमओ आर पी यादव सहित कई पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों को बधाई दी। इस मौके पर जिलाधिकारी ने कहा की जिस तरह लोगों ने पूरे रमज़ान आपसी भाई चारे और सौहार्द को क़ायम रखा वो ईद के त्यौहार और आने वाले अन्य त्योहारों में भी क़ायम रखे।

एसएसपी शलभ माथुर ने कहा की कानपुर की जनता से उम्मीद करते हैं की  गंगा जमुनी तहज़ीब आगे भी देखने को मिले गी।

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ये तो हुई आम लोगों की बात अब राजनितिक दलों की बात करें तो ईद गाह के बाहर रात से ही सभी पार्टियां अपने कैम्प लगा कर लोगों को ईद की मबारकबाद देते हैं, इस साल भी लगभग सभी सियासी पार्टियों ने कैम्प लगा कर नमाज़ियों को मुबारकबाद पेश की। कांग्रेस के कैम्प में श्रीप्रकाश जायसवाल ने  गले लगाया तो समाजवादी पार्टी की ओर से कई नेता मौजूद थे। सपा के कैम्प में नगर महा सचिव अंबर त्रिवेदी ने लोगों से खुशियाँ साझा की।

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2 responses to “कानपुर। लाखों फ़रज़न्दगाने तौहीद ने ईद की नमाज़ अदा की।

  1. मीरपुर में हजारों महिलाओं ने अदा की नमाज
    कानपुर. प्रदेश के दूसरे हिस्सों की तरह कानपुर में भी ईद हर्षोल्लास से मनाया जा रहा है। लोग एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दे रहे हैं। ईद की नमाज को लेकर प्रत्येक ईदगाह पर नमाजियों की भीड़ रही। मीरपुर में हजारों महिलाओं ने ईद की नमाज अदा की।
    ईद के अवसर पर शहर में कई जगह नमाज अदा की गई, लेकिन हर किसी की ख्वाहिश बड़ी ईदगाह पर नमाज पढ़ने की होती है। दूसरे जगहों की अपेक्षा यहां देर से हुए नमाज में लाखों नमाजी शामिल हुए। नमाज के बाद सब एक दूसरे को गले लगकर बधाई दी। लोग एक-दूसरे के घर जाकर मुबारकबाद दे रहे हैं। सेवइयां, पकवान और मिठाई भी बांटी जा रही है।
    यहां केवल महिलाएं पढ़तीं हैं नमाज
    यहां केवल महिलाएं पढ़तीं हैं नमाज
    रेलबाजार थाना अंतर्गत मीरपुर इलाके में अमन और खुशहाली की दुआ में हजारों महिलाओं के हाथ उठे। कानपुर का ये एकमात्र ईदगाह ऐसा है, जहां केवल महिलाएं ही नमाज पढ़ती हैं। दशकों पहले यहां महिला और पुरुष सभी साथ नमाज अदा करते थे। बदलते वक्त के साथ महिलाओं को वहां नमाज पढ़ने से मना कर दिया गया। तर्क ये दिया गया था कि नमाज पढ़ने महिलाओं के आने से फितना(झगड़ा), फसाद होने का खतरा बढ़ता जा रहा था।
    महिलाओं ने किया विरोध, पीछे हटे पुरुष
    कानपुर के मुफ्ती मो. अनीस बरकाती के अनुसार महिलाओं ने इस फैसले का विरोध किया। कुछ महिलाएं यहीं नमाज पढ़ने की जिद पर अड़ गईं। इसके बाद वहां पर ईद और बकरीद के मौके पर पुरुषों को नमाज पढ़ने पर रोक लगा दी गई। इसके बाद आज करीब 50 सालों से रेलबाजार के मस्जिद पर महिलाएं ही नमाज अदा करती हैं।

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  2. ऐ खुदा इस्लाम को बदनाम करने वाले आईएसआईएस जैसे आतंकी संगठनों को नेस्तनाबूद कर दो। ईदगाहों में जब पेशइमाम ने दुआ कराई तो लाखों रोजेदारों ने आमीन कहा। नमाज के दौरान ईदगाह व मस्जिदों के आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गयी थी। नमाज के बाद लोगों ने एक दूसरे को गले लगकर मुबारकबाद दी और एकदूसरे के घर जाकर सिंवई व लजीज व्यंजन का लुत्फ उठाया।

    शनिवार को ईदगाह और मस्जिदों में ईद-उल-फितर की नमाज अदा की गयी जिसमें लाखों की भीड़ उमड़ी। बड़ी ईदगाह में पेशइमाम कारी मोहम्मद इलाही ने मुसलमानों को नसीहत दी कि किसी का दिल ना दुखाएं। गद्दियाना ईदगाह में पेशइमाम मौलाना हाशिम अशरफी ने दुआ कराई कि आईएसआईएस जैसे आतंकी संगठन मुसलमानों को बदनाम कर रहे हैं, जिनका इस्लाम का दूर-दूर तक लेनादेना नहीं है। ऐ खुदा ऐसे संगठनों को नेस्तनाबूद कर दे और इस्लाम का सिर बुलंद ंफरमा। बगाही ईदगाह में मौलाना मोहम्मद अहमद ने अमन की दुआ कराई। जाजमऊ ईदगाह में मौलाना कारी हसीब अख्तर ने आह्वान किया कि जिस तरह रमजान में मस्जिद भरी थीं उसी तरह पूरे साल मस्जिदों को आबाद करें। ईदगाह चांदमारी में शहरकाजी मौलाना आलम रजा खां नूरी ने बुराइयों से दूर रहने का आह्वान किया। मसवानपुर ईदगाह में मौलाना मुश्ताक मुशाहिदी, मछरिया ईदगाह में मुफ्ती इसराफील मकनपुरी, नई मस्जिद बाबूपुरवा में शहरकाजी मौलाना रियाज हशमती, जामा मस्जिद शफियाबाद में कारी कासिम हबीबी इलाहाबादी, गुलाब घोसी मस्जिद में मौलाना अब्दुर्रज्जाक ने नमाज अदा कराई। ईदगाह रेलबाजार में मौलाना मोहम्मद सलमान ने नमाज पढ़ाई।

    शिया मस्जिद अहाता नवाब दूल्हा पटकापुर में शहरकाजी सैयद हामिद हुसैन, मस्जिद फूलवाली गली में मौलाना आरिफ हुसैन, मस्जिद फिदाउल ईमान अल्लाह-ओ-अकबर पोखरपुर में मौलाना सैयद अजहर अब्बास, अलहे बैत बेकनगंज में मौलाना मोहम्मद हुसैन, मस्जिद सूटरगंज में मौलाना जवाद असकरी के अलावा जामा मस्जिद ग्वालटोली, मस्जिद कुरसवां पटकापुर, मस्जिद मीर जाफर पटकापुर, मस्जिद विक्टोरिया मिल समेत शहर की विभिन्न मस्जिदों में ईद की नमाज अदा की गयी।
    बारिश के आसार देख मस्जिदों में नमाज की व्यवस्था की गयी लेकिन मौसम साफ हो गया तो लोगों ने ईदगाह की ओर रुख किया जिससे ईदगाहों में सैलाब उमड़ पड़ा। भीड़ को देखते हुए बड़ी ईदगाह में सुबह 9 बजे के बजाय 20 मिनट देर से नमाज अदा की गयी।

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