कानपुर में 30 घंटे में बिका 60 करोड़ का सोना

सोने के भाव को लेकर बाजार में उथल-पुथल जारी है। बिक्री में कुछ तेजी है लेकिन उतनी नहीं जितनी दो साल पहले सोने के रेट 25,500 रुपए आने पर हुई थी। अभी रेट और नीचे जा सकते हैं, इसलिए बाजार में रौनक बरकरार रहेगी। -महेश चंद्र जैन, अध्यक्ष यूपी सर्राफा एसोसिएशन

इस समय बाजार में वही ग्राहक हैं, जिन्हें वास्तव में ज्वैलरी खरीदनी है। निवेशकों की संख्या कम है। बिक्री पिछले साल की तुलना में 20 प्रतिशत ज्यादा है। सोने का भाव थोड़ा बढ़ने से भीड़ ज्यादा होगी। गिरते हुए बाजार में ग्राहक कम आता है कि शायद भाव और नीचे आ जाएं। -कैलाश नाथ अग्रवाल, बुलियन व्यापारी

कानपुर अभिषेक गुप्तासोना सस्ता क्या हुआ, बाजार की रौनक लौट आई। अकेले कानपुर में ही 30 कारोबारी घंटों में 60 करोड़ रुपए का सोना बिक गया। हालांकि पिछले साल इसी ऑफ सीजन में सोने का भाव अब की तुलना में कम था, लेकिन इस बार बिक्री 25 फीसदी अधिक हुई है।कानपुर में रोज औसतन 10 घंटे का कारोबार होता है। सोने की कीमतों में आई कमी को देखते हुए बाजार में खरीदार उमड़ पड़े। सिर्फ तीन दिनों में यहां 60 करोड़ के सोने की बिक्री हुई। काले धन की छटपटाहट: आयकर विभाग के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक सोने की गिरती कीमतें कालाधन की खपत का नया रास्ता बन गई हैं। 25 लाख रुपए कैश रखने की तुलना में एक किलो सोने का बिस्कुट रखना सुरक्षित और सुविधाजनक है। विदेशों में छिपी संपत्तियों को घोषित करने के लिए 30 सितम्बर तक का वक्त दिया गया है। ऐसे में वहां की प्रॉपर्टी बेचकर पैसा हवाला के जरिए तेजी से आ रहा है। उन्होंने बताया कि 2005 से पहले के नोट दिसम्बर के बाद बेकार हो जाएंगे। उन्हें भी सोने की ज्वैलरी व बुलियन में तब्दील किया जा रहा है। सर्राफा व्यापारी आरके तिवारी ने बताया कि 28 जून 2013 को सोना 25,700 प्रति दस ग्राम पर आ गिरा था। तब सोना खरीदने के लिए लूट मच गई थी। 25 महीने बाद 22 जुलाई 2015 को सोना 25,200 प्रति दस ग्राम पर आ गया लेकिन भाव और नीचे आ सकते हैं। 300 रुपए और सस्ता प्ता

कालेधन को लेकर सरकार का रुख बेहद सख्त है। इसीलिए लोगों में दहशत है। विदेशों में छिपी संपत्ति बेचकर उसकी रकम हवाला के जरिए देश में आ रही है, जिसका बड़ा हिस्सा सोने की खरीद में निकल रहा है। कालेधन की घोषणा के लिए फॉर्म छह लांच होने के बाद इसमें तेजी आई है। -विवेक खन्ना, पूर्व चेयरमैन, सेंट्रल इंडिया रीजनल काउंसिल

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