कानपुर-चौड़ी सड़कें लेकिन संकरे पुल

शहर के दक्षिण क्षेत्र में अधिकतर सड़कें उत्तर क्षेत्र के मुकाबले अधिक चौड़ी हैं, लेकिन इसके विपरीत दक्षिण से उत्तर को जोड़ने वाले पुल यातायात के दबाव को देखते हुए काफी संकरे हैं। नए ओवर ब्रिज तो पुराने पुलों से भी कम चौड़े हैं। ऐसे में दक्षिण क्षेत्र में तेजी से बढ़ते आबादी के बोझ के साथ ही शहर से सटे दर्जनों गांवों के साथ बिधनू, घाटमपुर, सचेंडी, पतारा व देहात के लोगों की बढ़ती आवाजाही समस्या और बढ़ा रही है।

गोविंदपुरी पुल : पुराना असुरक्षित, नए में फुटपाथ नहीं 11973 में निर्मित गोविंदपुरी पुल की चौड़ाई 11.5 मीटर है। इसमें पैदल राहगीरों के लिए फुटपाथ है। वर्ष 2009 में इस पुल को भारी वाहनों के लिए असुरक्षित करार दिया जा चुका है। ऐसे में, महज 7.5 मीटर चौड़ा नया पुल कभी पुराने की स्थिति खराब होने पर कैसे काम आएगा, किसी ने नहीं सोचा है। वहीं, नए पुल पर फुटपाथ भी नहीं होगा। इससे पैदल यात्रियों के लिए भी मुश्किल होगी।1फ्लाईओवर का हुआ था सर्वे 1मरियमपुर चौराहे से फजलगंज, चावला मार्केट, नंदलाल, निराला नगर मोड़ होते हुए दीप टाकीज तिराहे तक सेतु निगम के अफसरों ने फ्लाईओवर निर्माण का सर्वे किया था लेकिन समस्या की विकरालता देखते हुए विधायक अजय कपूर की पैरवी पर मुख्यमंत्री ने समानांतर गोविंदपुरी पुल को हरी झंडी दे दी। महानगर विकास समिति के अध्यक्ष भूपेश अवस्थी कहते हैं, अभी भी नंदलाल व चावला मार्केट चौराहों पर वाहनों का फंसाव होगा। निर्माणाधीन पुल के अगल-बगल रास्ता ठीक करने व बनने के बाद पुल को वन-वे करने पर ही जाम से निजात संभव है।

d3917 d4069

दादानगर समानांतर पुल का :दादानगर पुल बनते वक्त दक्षिण को जाम की मुसीबत से छुटकारे की उम्मीद जगी थी लेकिन पुल महज 7.5 मीटर चौड़ा ही निर्मित हुआ। इससे दो कदम विजय नगर की तरफ बढ़ने पर दिल्ली-हावड़ा ट्रैक पर बना पुल दोगुना चौड़ा है। नया पुल काफी हद तक समस्या हल भी करने लगा लेकिन सीटीआई व विजय नगर के साथ दादानगर औद्योगिक क्षेत्र के वाहनों की रेलमपेल मुश्किल बन गई। अब यहां समानांतर पुल निर्मित न होने तक सिर्फ वन-वे ही इलाज है। 1जूही खलवा में जलभराव, 3.5 करोड़ की योजना 1दादानगर व गोविंदपुरी पुलों पर यातायात फंसाव के दौरान जूही खलवा पुल लोगों को रास्ता देता है लेकिन यहां जरा सी बरसात में जलभराव हो जाता है। इसके बाद कीचड़ व सूखी सिल्ट की धूल समस्या बनती है। नगरनिगम हर साल जलभराव न होने का दावा करता है। हाल में नगर निगम ने 3.5 करोड़ से पंपिंग स्टेशन बनाने की पहल की है। पानी राखी मंडी भेजा जाएगा।

 

 

d7652

सीओडी पुल में फंसा रेलवे का पेंच:

जीटीरोड पर स्थित सीओडी रेलवे क्रांसिग पुल के निर्माण कार्य ने प्रशासन का डंडा चलने के बाद रफ्तार पकड़ ली है। हर माह दो करोड़ रुपये का काम करने कालक्ष्य दिए जाने से निर्माण इकाई ने दोनों तरफ से स्लैब व गार्डर रखने का काम शुरू कर दिया है, तो रेलवे ने दूसरी साइड में भी पिलर का गड्ढा खोदना शुरू किया है। इस कारण रामादेवी की तरफ से चार पहिया वाहनों पर रोक लगा दी गई है। लेकिन रेलवे के हिस्से के पुल का नक्शा अभी तक पास न होने से निर्माण इकाई की भी दो स्लैब लटकी हैं।1सीओडी पुल की जून में दो और दिसंबर में चारों लेन पूरा करने के लिए पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता द्वारा निर्माण इकाई के पेंच कसे जाने का असर दिखने लगा है। निर्माण इकाई ने सिटी साइड में तीन और रामादेवी की तरफ चार स्लैब डाल ली है। उसकी 12 में सात स्लैब डाली जा चुकी है। वहीं दो स्लैब रेलवे का नक्शा फाइनल न होने से फंसी है। निर्माण इकाई के परियोजना प्रबंधक राजेश सिंह के मुताबिक पुल को तय समय में पूरा करने के लिए श्रमिकों के साथ काम का समय भी बढ़ाया गया है। इस बीच रेलवे ने भी अपने काम को जल्द पूरा करने के लिए दूसरी तरफ भी पिलर के लिए गड्ढा खोदना शुरू कर दिया है। रेलवे ठेकेदार भूपेंद्र शर्मा के मुताबिक काम तेज करने के लिए दोनों तरफ पिलर बनाने का काम शुरू करने जा रहे हैं। दूसरी तरफ से काम शुरु होने के चलते रामादेवी की तरफ से आने वाली सभी तरह के चार पहिया वाहनों को प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसके चलते उधर से आने वाले चार पहिया वाहन श्यामनगर से सुजातगंज की तरफ से सिटी साइड आयेंगे।

पीडब्ल्यूडी कीनिर्माण इकाई ने पूरी कीं 12  में सात स्लैब -रामादेवी की तरफ से चार पहिया वाहनों पर लगी पूरी रोक

d7652

Advertisements