आज से निशान-ए-पैक के पीछे दौड़ेंगे पैकी

कानपुर: कर्बला में शहीद हुए हजरत इमाम हुसैन के दूत के रूप में मुहर्रम की पांच तारीख शुक्रवार से लोग पैकी बनेंगे और अपने बच्चों को भी पैकी बनाएंगे। पैकी शहर के विभिन्न इमामबाड़ों पर जाएंगे और फातिहा पढ़ेंगे।शुक्रवार को कील वाला हाता हीरामन का पुरवा स्थित इमामबाड़ा निशान-ए-पैक कासिदे हुसैन में निशान दोपहर करीब तीन बजे रखा जाएगा। निशान पर मन्नत मानने वाले और गुलपोशी करने वालों की भीड़ लगेगी। महिलाएं और बच्चे भी मन्नत मानेंगे। इमामबाड़े पर लोग फातिहा पढ़ेंगे। इसी के साथ ही खलीफा शकील अहमद खां पैकियों की कमर बंधाई करेंगे। उसके बाद खलीफा एवं नायब खलीफा हाफिज मोहम्मद कफील की अगुवाई में पैकियों का जुलूस निशान के साथ बेकनगंज, दादामियां चौराहा, नई सड़क समेत शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जाएगा। देर रात यह जुलूस कील वाला हाता वापस आ जाएगा।

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गुरुवार को मोहर्रम की पांच तारीख को 116 साल पुराना हामिद मियां का अलम जुलूस नई सड़क से उठाया गया। अगुवाई मोहम्मद निजाम, हसमत अली आदि कर रहे थे। यह जुलूस नौहाख्वानी करता हुआ विभिन्न क्षेत्रों में गया। इसी तरह शहर के करीब एक हजार इमामबाड़ों पर मातम हुआ। घरों में मजलिस हुई और कर्बला में शहीद हुए हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की याद में जलसे हुए।जुलूस निकालते लोग। जागरणमोर्हरम के जुलूस में ऊंट पर बैठे बच्चे ।

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