एक थानाध्यक्ष की ऐसी विदाई आप ने कभी नहीं देखी होगी

कुछ इस तरह ग्रामीणों ने ढोल नगाडां के साथ सिंघम को दी विदाई

rasolabad-singham

अरविन्द वर्मा.

कानपुर देहात.

एक थानाध्यक्ष की ऐसी विदाई आप ने कभी नहीं देखी होगी कि लोगों ने ढोल नगाडों के साथ विदा तो किया, लेकिन जाते जाते एक दूसरे के आंसू नही रोक पायें। ग्रामीणों ने ढोल नगाडों के साथ माला पहनाकर हर तबके के लोगों के साथ पूरा उनको भव्य विदाई दी। गांव के बुजुर्गाे ने थानाध्यक्ष से पूछा अब कब आओगे बेटा तो एसओ ने कहा चाचा जब आवाज लगाएंगे, हम दौड़े चले आएंगे।

अपने क्षेत्र में अपने काम से पहचान बनाने वाले थानाध्यक्ष प्रभात कुमार सिंह सभी के बीच बहुत ही लोकप्रिय अधिकारियों में से थे। सभी फरियादियों की समस्या सुनने वाले और अपराधियों के अन्दर खौफ भरने वाले अधिकारियों में उनकी गिनती थी। रसूलाबाद थाने में तैनात एसओ प्रभात कुमार सिंह ने अपने इस तीन महीने के कार्यकाल में अपने अलग अंदाज की कार्यशैली से सभी का दिल जीत लिया था। वह पास के क्षेत्र में सबसे लोकप्रिय व ईमानदार अधिकारियों में गिने जाने लगे थे। लूट, चोरी व हत्या जैसे वारदातों पर नकेल कसने में उन्होने कोई कोताही नहीं बरती। साथ ही पुरानी घटनाओं को बड़ी ही दिलेरी के साथ वर्कआउट किया था। गांव के बुजुर्ग उनको अपना मसीहा और लडकियां व महिलाएं भाई मानती थीं।

रसूलाबाद थानाध्यक्ष प्रभात सिंह का पिछले हफ्ते ट्रांसफर हो गया और उनके स्थान पर फाजिल सिद्दकी इन्पेक्टर आये हैं। रसूलाबाद से प्रभात सिंह की विदाई समारोह इस कदर हुआ कि हजारों की संख्या में ग्रामीण ढोल नगाडों के साथ सड़कों पर उतर आये। वहीं उपजिलाधिकारी राजीव पांडेय ने भी उन्हें ढ़ेर सारी शुभकामनायें दी और उनके विदाई समारोह में सम्मिलित हुये। सभी उनके विदाई समारोह को यादगार बनाने के लिए आँखों में आंसू लेकर थाने पहुंच गए। फूल माला पहनाकर उनको विदाई दी।

बुजुर्ग ग्रामीण नन्हें यादव के मुताबिक मेरी इतनी उम्र रसूलाबाद कस्बे में रहते-रहते बीत गई, लेकिन इतना अच्छा अधिकारी कभी नहीं आया है। उन्होंने प्रभात कुमार सिंह के सिर पर हाथ रख कर पूछा कि बेटा अब कब आओगे, तुम मेरे मसीहा थे। कस्बे में दुकान लगाने वाले का कहना है कि जब प्रभात कुमार सिंह आये थे तो हमने दबंगों को वसूली देना बंद कर दिया था। उन्होंने दबंगों के ऐसी नकेल कसी थी कि वह क्षेत्र छोड़ कर भाग गए थे।

इतनी जबरदस्त विदाई देख कर प्रभात सिंह का भी गला भर आया और उन्होंने कहा चाचा आप लोग बहुत याद आओगे। जब भी समय लगेगा तो आप लोगों से मिलने जरूर आऊंगा। आप लोग को अपना ख्याल रखना है। गांव के किसान राजेश कुशवाहा ने अपने प्यारे एसओ को बेटी की शादी में आने का आंमत्रण कार्ड दिया तो उन्होंने आने की हामी भरते हुये एक एलसीडी अपनी तरफ से तोहफे में देने की बात कही। और जाते हुये उनके द्वारा हाथ हिलाते ही लोगो की आंखे छलक आयी।

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