कानपुर,नोटों की तंगी से भरभराए सब्जियों के दाम

हाथों में हरे-हरे नोट क्या कम हुए, हरी सब्जियों के दाम भी भरभरा गए। भाव औंधे मुंह गिर गए हैं। हालत यह है कि तमाम हरी सब्जियों के रेट मंगलवार से इस समय आधे रह गए हैं। हरी सब्जियां जल्दी खराब भी हो जाती हैं, इसकी वजह से फुटकर दुकानदार हरी सब्जियां लेने से भी कतरा रहे हैं।

सर्दियों में हरी सब्जियां वैसे भी खूब आती हैं लेकिन पिछले एक सप्ताह में हरी सब्जियों की कीमतों में जबरदस्त गिरावट आयी है। इसके चलते चकरपुर सब्जी मंडी में खरीदारी प्रभावित हुई है। सामान्य तौर पर तमाम मोहल्लों के सब्जी दुकानदार चकरपुर की थोक मंडी से ही सब्जी लाते हैं। शहर के अंदर कुछ मंडियों तक किसान खुद भी सब्जी लेकर पहुंचते हैं और उनसे फुटकर दुकानदार खरीदते हैं। हरी सब्जी दो दिन के बाद सुरक्षित रखना मुश्किल होता है। किसान जो सब्जियां लेकर आते हैं, उन्हें वे जल्दी से जल्दी बेचना चाहते हैं ताकि सब्जी खराब होने से उन्हें नुकसान न हो। इसके लिए रेट भी कम कर देते हैं। यही स्थिति आगे भी होती है। फुटकर दुकानदारों ने हरी सब्जियों के जल्दी खराब होने और मांग कम होने के कारण खरीदारी कम कर दी है। इसका भी असर रेट पर पड़ा है।

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