कानपुर के पास पुखरायां में पटना-इंदौर रेल दुर्घटना दुखद. दुर्घटना में मृत लोगों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना

image11कानपुर देहात, पुखरायां(जितेंद्र शुक्ल)। रेलवे की लापरवाही के चलते झांसी मंडल में कानपुर देहात जिले के पुखरायां स्टेशन पर इंदौर से पटना (राजेंद्रनगर) जा रही एक्सप्रेस ट्रेन भीषण हादसे का शिकार हो गई। इस दुर्घटना में 107 लोगों की मौत हो गई और करीब तीन सौ से ज्यादा लोग जख्मी हो गए। घायलों में कई की हालत बेहद गंभीर है। हादसा आज तड़के तीन बजकर तीन मिनट पर तब हुआ, जब अधिकांश यात्री गहरी नींद में थे। उस समय ट्रेन की गति 110 किमी प्रति घंटा थी। हादसे के बाद लोग अपनों की तलाश में बदहवास होकर भटकते रहे। चारों ओर चीख-पुकार मची रही।

हादसे के बाद से इस लाइन पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। घटनास्थल कानपुर से लगभग 60 किमी और पुखरायां स्टेशन से करीब 200 मीटर दूरी पर है। हादसे की भीषण आवाज सुनकर स्थानीय लोग दौड़ पड़े। प्रशासन ने भी तत्काल राहत व बचाव कार्य शुरू किया। सवा आठ बजे एनडीआरएएफ की टीम पहुंचने पर इस काम में और तेजी आई। करीब 9.20 बजे कानपुर से पहुंची सेना की टीम ने भी मुस्तैदी से कमान संभाल ली। उसी के साथ एयरफोर्स की मेडिकल टीम भी पहुंच गई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समेत कई संगठनों ने भी मदद का हाथ बढ़ाया। बोगियां एक दूसरे के ऊपर चढ़ी होने के कारण उन्हें काटने में दिक्कत आ रही थी। घायलों को सबसे पहले पुखरायां के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व जिला अस्पताल भेजा गया। यात्रियों ने बताया कि ट्रेन की एक बोगी में काफी तेज किसी चीज के टकराने की पहले से आवाज आ रही थी। इसकी वजह से ट्रेन को रास्ते में दो जगह रोका भी गया था, लेकिन जांच में कुछ नहीं पाया गया। आखिरी बार ट्रेन को उरई स्टेशन पर करीब आधा घंटा रोका गया। इसके बाद जब ट्रेन रवाना हुई तो पुखरायां स्टेशन पार करते ही ट्रेन हादसे का शिकार हो गई।

kanpur-train-accidentहादसे के बाद दोपहर मौके पर पहुंचे रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने हादसे का कारण रेल फ्रैक्चर बताया है। वह भी रास्ते में दो-तीन बार ट्रेन रोके जाने के सवाल पर वह कुछ नहीं बोले। एक बोगी के पटरी से उतरते ही उसके पीछे की 14 बोगियां एक-एक कर उतर गईं। कई बोगियां एक दूसरे पर चढ़ गईं। बोगी नंबर बी-3, एस-2, एस-3 बुरी तरह एक दूसरे पर चढ़ गईं। एस टू बोगी तो लगभग खत्म जैसी दिख रही थी। हादसे की आवाज सुनकर पुलिस व आसपास के गांव के लोग तत्काल पहुंचे और राहत व बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन अंधेरा होने के कारण उन्हें परेशानी हो रही थी। जैसे-जैसे उजाला हुआ और राहत टीमें पहुंचीं, तब काम में तेजी आई। प्रशासन ने रास्ता बनाकर एंबुलेंस से घायलों व मृतकों को अस्पताल भेजना शुरू किया। इस काम में स्थानीय लोगों ने काफी मदद की। राहत कार्य में लगे जवानों ने बोगियों को काट कर शवों और घायलों को निकाला। घायलों को कानपुर देहात के जिला अस्पताल के अलावा पुखरायां सीएचसी, कानपुर के हैलट, लोको अस्पताल, उरई व झांसी के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इंदौर-पटना एक्सप्रेस (गाड़ी सं. 19321) की एसएलआर, दो जनरल बोगियां, ए-1, बी-1/2/3 , बीई और एस 1/2/3/4/5/6 बोगियां पटरी से उतरी हैं। इंजन और एस 7/8/9/10/11/12 व दो जनरल व एसएलआरकोच सुरक्षित है। घटनास्थल पर इलाहाबाद, कानपुर, एवं झांसी से राहत ट्रेनें पहुंची हैं। मौके पर डीजी हेल्थ सुनील श्रीवास्तव, सीएमडी रेलवे डॉ. राजीव कपूर, जीएम रेलवे अरुण सक्सेना, कानपुर कमिश्नर मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन, कानपुर सेंट्रल स्टेशन के डिप्टी सीटीएम डॉ. जितेंद्र कुमार आदि पहुंचे।

स्लीपर के डिब्बों में सबसे ज्यादा नुकसान
– रेलवे के मुताबिक, सिटिंग/लगेज कम्पार्टमेंट, GS, GS, A1, B1/2/3, BE, S1, S2, S3, S4, S5, S6 में ज्यादा नुकसान हुआ है।
– नॉर्दन सेंट्रल रेलवे के स्पोक्सपर्सन विजय कुमार ने बताया, “हादसे की वजह अभी पता नहीं चल पाई है। सीनियर अफसर मौके पर पहुंच गए हैं।”
रेल मंत्री ने दिए जांच के आदेश
– सुरेश प्रभु ने कहा, “रेल मोबाइल मेडिकल यूनिट को भी जल्द से जल्द घटनास्थल पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं।”
– “सीनियर ऑफिसर्स को तुरंत घटनास्थल पर पहुंचने के निर्देश भी दिए गए।”
– “हादसे के लिए जो भी जिम्मेदार होगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। टीम ने जांच शुरू कर दी है।”
– “हादसे की वजह से प्रभावित लोगों को हर तरह की मदद देने के प्रयास किए जा रहे हैं।”
पीएम ने हादसे पर जताया दुख
– नरेंद्र मोदी ने कहा, “मैंने सुरेश प्रभु से बात की है, वो खुद इस हादसे पर करीबी से नजर बनाए हुए हैं। इस हादसे में घायल लोगों के लिए प्रार्थना करता हूं।’
– बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने कहा, “रेल हादसे की वजह से मारे गए लोगों के लिए बेहद दुख है। शोक में डूबे परिवारों के लिए प्रार्थना करता हूं।”
पटरियों को पहुंचा नुकसान, कई ट्रेनें कैंसल
– हादसे में ट्रेन की कई पटरियां उखड़ गई हैं।
– कानपुर-झांसी पैसेंजर ट्रेन समेत रूट पर चलने वाली कई गाड़ियों को कैंसल कर दिया गया है जबकि कुछ का रूट बदल दिया गया है।
मौके से DB LIVE- इमरजेंसी ब्रेक लगने से पिचक कर आधे हुए डिब्बे, टुकड़ों में अपनों की लाश देख चीखने लगे लोग
– रविवार तड़के कानपुर से करीब 100 किमी दूर पुखरायां गांव में इंदौर-पटना एक्सप्रेस के 14 डिब्बे पटरी से उतर गए। कई लोगों की मौके पर मौत हो गई। हादसे के बाद कई महिलाएं चीख रही थीं।
– बच्चे अपने माता-पिता को तलाश रहे थे। दरअसल, किसी तकनीकी गड़बड़ी के चलते ट्रेन के ड्राइवर ने फुल इमरजेंसी ब्रेक लगाया था। कुछ डिब्बे तो तेज झटका खाने के बाद भी सलामत रहे, लेकिन पीछे के कुछ डिब्बे पिचककर अपनी कुल लंबाई से आधे हो गए।
– कई लोगों के शवों के टुकड़े वहां बिखरे पड़े थे। कई शख्स ऐसे थे जो किसी दूसरे डिब्बे में सफर करने की वजह से बच गए, लेकिन अपने परिवार को खो चुके थे। अपनों की लाश देख वे चीख रहे थे।

 

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