डीएम ने संभाली हैलट की कमान सुबह से रात तक अस्पताल में डाले रहे डेरा

dm-kanpurहैलट-उर्सला में रिजर्व कराये 100 बेड घटनास्थल पर भेजीं 36 एम्बुलेंस हैलट में पीड़ितों की मदद में जुटे रहे सिविल डिफेंस के 40-50 सदस्य
देहात में भीषण ट्रेन दुर्घटना के बाद शहर लाये जा रहे घायलों का उपचार कराने के लिये जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने खुद हैलट अस्पताल की कमान संभाल ली। उनकी मौजूदगी के कारण मेडिकल कालेज प्राचार्य के साथ-साथ पूरा प्रशासनिक अमला भी सुबह से रात तक हैलट में डेरा डाले रहा। जिलाधिकारी की इस मुस्तैदी के कारण हैलट में किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं फैल पायी।

अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक रेल दुर्घटना के कुछ ही देर बाद जब इसकी जानकारी देहात के जिलाधिकारी व अन्य अफसरों को हुई तो वह घटनास्थल की तरफ भागे। उन्होंने राहत कायरे के लिये यूं तो रेलवे और अन्य शीर्ष अफसरों के सूचित किया, मगर सबसे पहले नगर के जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा को सूचना देकर उनसे मदद मांगी। उन्होंने कहा कि दुर्घटना में बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं इसलिये उनके उपचार और बचाव कार्य के लिये जो भी मदद संभव हो करें। बताते हैं कि हादसे की गंभीरता जानकर जिलाधिकारी ने तत्काल सभी सरकारी एम्बुलेंस घटनास्थल के लिये रवाना कर दीं। इसके अलावा कई नर्सिग होम से भी उनकी एम्बुलेंस लेकर पीड़ितों की मदद के लिये भेज दीं। उन्होंने देखते ही देखते 36 एम्बुलेंस घटनास्थल पर भिजवा दीं। सीएमओ को भी निर्देश दिये कि वह अधिक से अधिक डाक्टरों को घटनास्थल के लिये रवाना करें।

d124457258सुबह होते ही जिलाधिकारी हैलट अस्पताल पहुंच गये और एडीएम सिटी समेत कई अफसरों व मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा.नवनीत कुमार को भी बुला लिया, जिससे घटनास्थल से लाये जाने वाले पीड़ितों के उपचार में कोई बाधा उत्पन्न न हो और प्रत्येक घायल की जान बचायी जा सके। जिला प्रशासन ने हैलट व उर्सला अस्पताल में 100 बेड रिजर्व करने के आदेश दिये। अफसरों के निर्देश पर सिविल डिफेंस के 40-50 सदस्य भी हैलट अस्पताल पहुंच गये और देहात से आने वाले घायलों को उपचार के लिये अंदर ले जाने, ट्रामा सेंटर पहुंचाने और उपचार से संबंधित अन्य मदद की जिम्मेदारी संभाल ली। सुबह टीवी चैनलों और अपने संपकरे से घटना की सूचना पाकर कई सामाजिक संस्थाओं की टीमें भी हैलट व उर्सला पहुंच गयीं और दुर्घटनाग्रस्त लोगों व राहत कायरे में लगे लोगों के खाने-पीने-चाय आदि की व्यवस्था संभाल ली। जिलाधिकारी और प्राचार्य सुबह से रात तक हैलट अस्पताल में डेरा डाले रहे और उपचार व अन्य इंतजामों की निगरानी करते रहे। उनकी इस मुस्तैदी के कारण हैलट अस्पताल में जरा भी अव्यवस्था नहीं हुई।

d124456328नर्सिग होम्स के लिये हुआ हाईअलर्ट : पीड़ितों का तुरंत इलाज करने के आदेश
डीएम ने आईएमए व नर्सिग होम्स एसो.को भी सूचित किया इलाज में लापरवाही बरतने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
d124456638जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने नगर जनपद के सभी नर्सिग होम्स के लिये हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। उन्होंने आदेश दिये हैं कि यदि कोई भी दुर्घटना पीड़ित किसी भी नर्सिग होम में पहुंचता है तो उसे तत्काल भर्ती करके उपचार किया जाये। आदेश के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गयी है। अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक दिल दहला देने वाली रेल दुर्घटना होने के बाद जिला प्रशासन ने हैलट और उर्सला अस्पताल में सौ-सौ बेड रिजर्व करने के आदेश दिये। रविवार दोपहर बाद तक जितने भी मरीज यहां लाये गये, सभी को तत्काल भर्ती करवाकर उपचार शुरू करवा दिया गया। इसके अलावा हैलट व उर्सला अस्पताल में दर्जनों और बेड भी रिजर्व रखने के आदेश दिये गये हैं, ताकि और घायलों के आने पर किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो। जिलाधिकारी ने देर शाम नगर के सभी नर्सिग होम्स के लिये हाईअलर्ट घोषित कर दिया। उन्होंने नर्सिग होम संचालकों को निर्देश दिये हैं कि दुर्घटना में घायल कोई भी मरीज किसी भी समय उनके नर्सिग होम में लाया जाता है तो बिना कोई कागजी औपचारिकता के उसे भर्ती करें और तत्काल उपचार शुरू करें। नर्सिग होम एसोसिएशन और आईएमए के पदाधिकारियों से भी इस आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने के लिये कहा गया है। जिलाधिकारी ने कहा है यदि मरीजों के उपचार में किसी प्रकार की ढिलाई बरती जाती है तो संबंधित नर्सिग होम्स या डाक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी।

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