इंदौर-पटना एक्सप्रेस हादसे में कार्रवाई शुरू

kanpurtraintragedy_147979कानपुर. इंदौर-पटना एक्सप्रेस हादसे में आरोपि‍यों के खि‍लाफ जांच और कार्रवाई शुरू हो गई है। मंगलवार सुबह जीआरपी ने अज्ञात रेलवे अफसरों और कर्मचारि‍यों पर केस दर्ज कराया है। इसमें एक्‍सीडेंट का कारण रेलवे अफसरों की लापरवाही बताई गई है।

कानपुर देहात के भीमसेन थाने के इंचार्ज अर्जुन सिंह ने आईपीसी के सेक्‍शन 337, 338, 304A, 427, 304, 151, 154 और रेलवे एक्ट के तहत केस दर्ज करवाया है। वहीं मंगलवार को हादसे के शि‍कार ट्रेन के ड्राइवर से रेल अधि‍कारी पूछताछ कर रहे हैं।
train-front_1479808176हादसे की जांच शुरू
वहीं ट्रेन हादसे की जांच शुरू हो गई है। रेलवे के मुख्य संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) पीके आचार्या ने मंगलवार को कहा कि‍ यह दो दिन तक चलेगी। इसकी लि‍खि‍त रिपोर्ट रेल मंत्रालय को सौंप दी जाएगी।
इन प्‍वाइंट्स पर होगा वि‍चार
– हादसे के दौरान ट्रेन में रेलवे का कौन-कौन अधिकारी मौजूद था?
– इसके साथ उस ट्रैक पर गैंगमैन, गेटमैन, रनिंग स्टाफ, स्टेशन मास्टर, गार्ड, मैकेनिक आदि से इस बारे में लिखित बयान लेकर रि‍पोर्ट के बाद आगे की कार्यवाही तय होगी।
– हादसे की जगह पर रेलवे ट्रैक की पटरियों के टुकड़े भी जांच की श्रेणी में आ रहे हैं।
– इसके लि‍ए पटरी के कुछ हिस्से कानपुर लाए गए। इसकी पूरी जांच रेलवे तकनीकी विभाग द्वारा कानपुर में की जा रही है।
– यहां से ये पटरियां लखनऊ लैब में टेस्ट के लिए भेजी जाएंगी। उसकी रिपोर्ट रेल मंत्री को भेजी जाएगी।
train_1479808145क्‍या कहते हैं कोच कंडक्‍टर :ट्रेन में सफर कर रहे टि‍कट कंडक्‍टर ने भी कानपुर में अपना बयान दर्ज करवाया
– जांच टीम के चेयरमैन को अपना बयान दर्ज कराने उदयशंकर मंगलवार को कानुपर पहुंचे।
– उन्‍होंने कहा, ‘मैं इस ट्रेन में 7 साल से चल रहा हूं। एक्सीडेंट के समय जगा था।
– ‘मुझे इंदौर से लेकर पुखराया तक ट्रेन में रास्ते कोई फर्क महसूस नहीं हुआ।’
– जब उनसे कहा गया कि‍ ट्रेन का हर यात्री कह रहा है कि‍ ट्रेन चलते समय लड़खड़ाई थी। रास्ते में भी दो बार ट्रेन के डिब्बों में फर्क हुआ था तो कंडक्टर ने कहा कि‍ यात्री तो कुछ भी कह सकते हैं सर।

भोपाल में भी हुई थी कोच में खराबी की शिकायत!

इंदौर-पटना एक्सप्रेस के एस-1 कोच में खराबी को लेकर यात्रियों ने भोपाल में भी शिकायत की थी। लेकिन बावजूद इसके झांसी स्टेशन पर कामचलाऊ तौर पर परीक्षण करने के बाद ट्रेन को रवाना कर दिया गया। इतना ही नहीं जिस ट्रैक में गड़बड़ी होने की आशंका व्यक्त की जा रही है, इसी से हादसे से कुछ मिनट पहले ही साबरमती एक्सप्रेस निकली थी। इंदौर-पटना एक्सप्रेस रविवार तड़के पुखरायां व मलासा स्टेशन के बीच दुर्घटना का शिकार हो गई थी। इस दर्दनाक हादसे के दूसरे दिन भी क्षतिग्रस्त कोचों से शवों का मिलना जारी रहा। हादसे में मरने वालों की संख्या अब तक 143 हो चुकी है। दुर्घटना के बाद से ही इसके कारणों को लेकर र्चचाएं शुरु हो गईं हैं। अब यह खंगाला जाने लगा है कि यात्रियों ने कोच के पहिये से आवाज आने की शिकायत कब की थी। विभागीय लोगों की मानें तो भोपाल स्टेशन पर ही एस-1 कोच के मुसाफिरों ने पहिये से असामान्य आवाज आने की शिकायत की थी। टीटीई स्टाफ को भी यात्रियों ने इसकी जानकारी दी थी। ट्रेन झांसी तक पहुंच गई। यहां पर भी मुसाफिरों की शिकायत पर कैरिज एण्ड वैगन विभाग को अवगत कराया गया कि एस-1 कोच के किसी पहिये से आवाज आ रही है। कोच का परीक्षण किया गया, लेकिन इसके बावजूद किस हालात में ट्रेन रवाना की गई, यह सेंट्रल पर भी रेलवे कर्मियों के बीच र्चचा का विषय रहा। विभाग के कर्मियों, खास तौर पर ड्राइवरलॉबी व कैरिज एण्ड वैगन विभाग के लोगों ने भी यह र्चचा रही कि अगर ट्रैक में खराबी थी, तो पहले साबरमती एक्सप्रेस हादसे का शिकार होती। क्योंकि इन्दौर-पटना एक्सप्रेस के आने से कुछ मिनट पूर्व साबरमती एक्सप्रेस इसी ट्रैक से गुजरी थी। जिसे आगे पुखरायां स्टेशन की लूप लाइन में खड़ा करा दिया गया था। इसके बाद ही इन्दौर-पटना एक्सप्रेस के यहां से गुजारी। जो कि आगे स्टेशन से कुछ आगे जाकर हादसे का शिकार हो गई। रेलवे कर्मियों का यह भी मानना था कि बड़ी गड़बड़ी होने का अंदेशा होने पर ही इन्दौर-पटना एक्सप्रेस के चालक ने इमरजेंसी ब्रेक का इस्तेमाल किया था। ताकि ट्रेन को समय रहते रोका जा सके।

d146741000

Advertisements