कानपुर : निष्पक्ष जांच होगी (आरडीएसओ) में , दोषी रेलकर्मी होंगे गिरफ्तार

कानपुर संवाददाता : पुखरायां में इंदौर-राजेंद्र नगर (पटना) एक्सप्रेस हादसे के बाद टूटी पटरी, कपलिंग व ट्रैक से जुड़ा अन्य सामान सील कर लिया गया है। उसकी जांच लखनऊ स्थित रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड आर्गनाइजेशन (आरडीएसओ) में कराई जाएगी। इससे ट्रैक की उम्र या कमजोरी का पता लगाया जाएगा। जांच कर रहे मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त पीके आचार्या को अभी तक ट्रेन के चालक दल की मेडिकल रिपोर्ट नहीं मिली है।

चालक से अभी पूरी नहीं हुई है पूछताछ :सेंट्रल स्टेशन के जांच कैंप में पत्रकारों से बातचीत के दौरान श्री आचार्या ने कहा कि सरकार के आदेश पर जांच शुरू की गई है। चालक जलत शर्मा से अभी पूछताछ पूरी नहीं हुई है। आज सहायक चालक उमेश पुरोहित व लोको इंस्पेक्टर से ही पूछताछ हो पाई है। दुर्घटना क्यों हुई, इसके कौन जिम्मेदार हैं, इसके साथ ही यह भी तय किया जाएगा कि आगे से ऐसी घटना नहीं हो। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि दुर्घटना के क्या कारण रहे, इस बारे में अभी कुछ नहीं कहूंगा। घटनास्थल पर टूटे ट्रैक की जांच आरडीएसओ से कराई जाएगी। एक माह के अंदर सरकार को जांच रिपोर्ट सौंप दी जाएगी। अभी तक उनके पास चालक दल की मेडिकल रिपोर्ट नहीं आई है। पूछताछ पूरी नहीं हो पाई तो इसका समय और बढ़ाया जा सकता है।

यात्रियों के बयान भी हैं संज्ञान में:दुर्घटना के बाद अस्पताल में भर्ती घायल यात्रियों ने ट्रेन में पहले से खराबी होने का बयान दिया था, इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यात्रियों की बात उनके संज्ञान में है। यात्रियों ने भी काफी कुछ बताया है। बताते चलें कि हादसे में घायल यात्रियों ने ट्रेन लहराने की बात कहते हुए हादसा होने की जानकारी दी थी।1सुबह से ही सेंट्रल पर जुटने लगे अधिकारी हादसे की जांच को लेकर सेंट्रल स्टेशन पर झांसी डिवीजन के अधिकारियों व कर्मचारियों का सुबह से ही जमावड़ा लग गया। पहले दिन 41 लोगों को तलब किया गया। सभी ने अपने लिखित बयान जमा कराए हैं। मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त पीके आचार्या ने पहले दिन चालक, सहायक चालक समेत तीन लोगों से हर बिंदु पर पूछताछ की। बयान देने आए सभी लोगों के चेहरों के रंग उड़े हुए थे। डिप्टी सीटीएम डा.जितेंद्र कुमार, सीपीआरओ विजय कुमार, पीआरओ अमित मालवीय, मनीष सिंह, स्टेशन अधीक्षक आरएनपी त्रिवेदी समेत कानपुर व झांसी मंडल के रेलवे अफसर सुबह ही जुट गए। बयान देने के लिए तलब किए गए अधिकारी और कर्मचारियों से देर शाम तक पूछताछ का दौर जारी रहा।

 

Advertisements