नोटबंदी के खिलाफ 13 दलों ने भरी हुंकार

नोटबंदी के मुद्दे पर 13 विपक्षी दलों ने बुधवार को एकजुट होकर केंद्र सरकार के खिलाफ हुंकार भरी। इन दलों के करीब 200 सांसदों ने संसद भवन परिसर में धरना दिया। विपक्ष ने नोटबंदी की घोषणा कथित तौर पर लीक किए जाने की जांच संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से कराने की मांग की। वहीं सरकार ने विपक्ष पर लोगों को भड़काने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष बहस से बचने के बहाने तलाश रहा है।

विरोध जताया : संसद भवन परिसर में हुए धरना प्रदर्शन में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, जदयू, माकपा, सपा, बसपा, भाकपा, राकांपा और राजद समेत अन्य विपक्षी दलों के सांसद शामिल हुए। दलों ने कहा कि सरकार ने अपने फैसले से जनता को सड़क पर ला दिया है। इन दलों ने लोगों की राहत के लिए 31 दिसंबर तक पुराने नोट चलने देने की मांग की।

प्रधानमंत्री संसद में आएं : कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने मांग की कि प्रधानमंत्री देश का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसीलिए उन्हें संसद में आना चाहिए और चर्चा के दौरान रहकर विपक्ष की बात सुननी चाहिए। संसद में हंगामा : संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा में लगातार छठवें दिन भी विपक्षी दलों के भारी हंगामा से कोई कार्यवाही नहीं हो सकी। लोकसभा में विपक्ष मतविभाजन वाले नियम के तहत चर्चा तो राज्यसभा में पीएम की मौजूदगी की मांग पर अड़ा हुआ है। हालांकि पीएम कुछ समय के लिए लोकसभा की में मौजूद रहे। ममता की रैली : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जंतर-मंतर पर रैली की। उन्होंने केंद्र के फैसले के खिलाफ संघर्ष का ऐलान किया। उन्हें सपा, जदयू का साथ मिला।

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