RBI के बाहर कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन, पुलिस से धक्का-मुक्की

कांग्रेस ने नोटबंदी के खिलाफ शुक्रवार को आरबीआई पर हल्ला बोल प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान रिजर्व बैंक के मेन गेट से कांग्रेसियों ने घुसने का प्रयास किया तो पुलिस से आधे घंटे तक झड़पें और धक्का-मुक्की होती रही। पुलिस ने कांग्रेसियों को रोका तो सभी बैरीकेडिंग पर चढ़ गए और मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। गेट के बाहर धरना कांग्रेसी सड़क पर बैठ गए। महिला कांग्रेसी तो महिला सिपाहियों से भिड़ गई, लेकिन डंडे के सहारे उन्हें पीछे धकेल दिया गया।

मोदी हिटलर हो गए हैं : राजब्बर

प्रदर्शन में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर ने मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि उन्हें गरीबों का दर्द नहीं दिखता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिटलर हो गए हैं। उन्हें शर्म नहीं आती है। रिजर्व बैंक के चार प्रिटिंग देश को जरूरत के नोट नहीं छाप सकेंगे। नोटों की किल्लत अभी देश महीनों सहेगा। मोदी सदन में विपक्ष को जवाब नहीं दे पा रहे हैं। कांग्रेस सड़क तक जनता को लेकर नोटबंदी के खिलाफ लड़ाई लड़ती रहेगी।

सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि मोदी को नोटबंदी के चलते 75 लोगों की मौतें नहीं दिख रही हैं। प्रदर्शन में पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल, राजाराम पाल, शहर अध्यक्ष हर प्रकाश अग्निहोत्री पर रहे। इससे पहले तिलक हाल से कांग्रेस राज बब्बर की अगुवाई में जुलूस निकाला तो बड़ा चौराहे के आसपास जाम लग गया। बाद में शहर अध्यक्ष ने राष्ट्रपति को संवोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को दिया।

देखें प्रदर्शन का वीडियो

मोदी के बयान पर विपक्ष का हंगामा, 7वें दिन भी नहीं चली लोकसभा

नोटबंदी के मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच लोकसभा में जारी गतिरोध सातवें दिन भी बना रहा तथा कालेधन को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बयान पर विपक्षी दलों ने कड़ी आपत्ति की और उनसे माफी की मांग करते हुए भारी हंगामा किया जिसकी वजह से सदन में आज भी कोई कामकाज नहीं हो पाया। हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही पहले 12 बजे तक और फिर सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गयी।

इससे पहले सदन की कार्यवाही सुबह शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने नोटबंदी और कालेधन के बारे में प्रधानमंत्री के एक कार्यक्रम में दिए गए बयान का मुद्दा उठाया। सदन में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जन खड़गे ने कहा कि मोदी ने संविधान दिवस की पूर्व संध्या के अवसर पर यह बयान दिया है कि विपक्षी दल कालेधन का समर्थन कर रह हैं जो पूरी तरह अनुचित है। उन्हें इसके लिए माफी मांगनी चाहिए। इसी बीच अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने प्रश्नकाल शुरू करवा दिया जिस पर विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए अध्यक्ष के आसन के पास आ गए।

सुमित्रा महाजन ने हंगामे के बीच ही कुछ देर प्रश्नकाल चलाया। विपक्षी सदस्यों का हंगामा जारी रहने पर उन्होंने सदन की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

काले धन को लेकर की गई प्रधानमंत्री की एक कथित टिप्पणी को लेकर बिफरे विपक्ष ने आज राज्यसभा में हंगामा किया और प्रधानमंत्री से माफी की मांग की जिसके कारण उच्च सदन की बैठक एक बार के स्थगन के बाद दोपहर ढाई बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। प्रधानमंत्री की टिप्पणी को लेकर उनसे माफी की मांग करते हुए कांग्रेस, बसपा और तणमूल कांग्रेस के सदस्य आसन के समक्ष आकर नारेबाजी करने लगे। दूसरी ओर सत्ता पक्ष के सदस्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए नारे लगाने लगे।

हंगामे के कारण उप सभापति पी जे कुरियन ने करीब 11 बजकर 20 मिनट पर बैठक को दोपहर बारह बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। बैठक शुरू होने पर सभापति हामिद अंसारी ने सदन के पूर्व सदस्य दीपेन घोष के निधन की जानकारी दी और सदस्यों ने कुछ पल मौन रहकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद आवश्यक दस्तावेज पटल पर रखवाए गए। लेकिन तभी बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि प्रधानमंत्री ने आज सुबह पूरे विपक्ष पर आरोप लगाया है कि उसे अपना काला धन सफेद करने का समय नहीं मिला। यह अत्यंत निंदनीय टिप्पणी है और प्रधानमंत्री ने ऐसा कहकर पूरे विपक्ष का अपमान किया है जिसके लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए।

विपक्ष के नेता और कांग्रेस के वरिष्ठ सदस्य गुलाम नबी आजाद ने कहा कि कल नोटबंदी के मुद्दे पर चर्चा के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और अन्य सदस्यों ने साफ शब्दों में कहा था कि विपक्ष काले धन के खिलाफ है तो फिर प्रधानमंत्री यह आरोप कैसे लगा सकते हैं कि विपक्ष काले धन का पक्षधर है। आजाद ने कहा प्रधानमंत्री यह आरोप कैसे लगा सकते हैं। हम काले धन के खिलाफ हैं और प्रधानमंत्री को अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगनी चाहिए। इसी बीच कांग्रेस, बसपा और तणमूल कांग्रेस के सदस्य प्रधानमंत्री से माफी की मांग करते हुए आसन के समक्ष आकर नारे लगाने लगे। हंगामे के बीच ही कुरियन ने आवश्यक दस्तावेज पटल पर रखवाए। उन्होंने कहा कि 500 रूपये और 1000 रूपये के नोट अमान्य किए जाने के मुद्दे पर चर्चा के लिए उन्हें आजाद की ओर से नियम 267 के तहत एक नोटिस मिला है।

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