कानपुर मंडल में बंदी बेअसर, सिर्फ रेडीमेड और होजरी बाजार बंद

kanpur-28-11-2016-1480315814_storyimageकानपुर शहर में बंद बेअसर रहा। सभी दुकाने खुली रही। वहीं लंबी दूरी के वाहन भी सामान्य रूप से चलते दिखाई दिए। हालांकि कुछ जगहों पर वाम दलों और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने नोट बंदी के विरोध में सड़कों पर प्रदर्शन किए। लेकिन बंद के आह्वावान का नतीजा तड़के ही देखने को मिल गया था।नोटबंदी के विरोध में भारत बंद का असर कानपुर मंडल में कोई खास नहीं रहा। कानपुर में सिर्फ होजरी और रेडीमेड कारोबारियों ने अपनी पूरी दुकानें बंद रखीं और विरोध जताया। जबकि बुन्देलखण्ड, कानपुर देहात, फतेहपुर, इटावा, कन्नौज और फर्रुखाबाद में बंदी बेसर रही। सामान्य दिनों की तरह सुबह दुकानें खुली। हालांकि विपक्षी दलों ने कई जगह जबरन दुकानें बंद कराने की कोशिश की तो व्यापारियों ने उन्हें सर्मथन नहीं दिया।

 

बाजार पर बंद की बजाय नोटबंदी का असर ज्यादा नजर आया।  

सोमवार सुबह धीरे-धीरे दुकानें खुलने का सिलसिला शुरू हुआ। कुछ इलाकों के व्यापारीं असमंजस की स्थिति में थे। इसलिए उन्होंने दोपहर तक अपनी दुकाने खोलीं। बातचीत होने पर व्यापारियों बोले पहले ही धंधा मंदा चल रहा है, ऊपर से अब बंद का एलान परेशान कर रहा है। हमने दुकानें खोली हैं लेकिन ग्राहक नदारद हैं। बंद को लेकर व्यापारियों के चेहरे पर नाराजगी साफ दिखाई दी।

बड़े व्यापारियों से लेकर छोटे विक्रेता तक बंद का विरोध करते दिखे। ज्ञात हो अमर उजाला डॉटकॉम ने रविवार की रिपोर्ट में तमाम व्यापार मंडलों से बातचीत कर बंद को लेकर उनके विचार पहले ही रख दिए थे। इंडस्ट्रियल इलाकों से लेकर बाजारों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में पोस्टर लगे नजर आए। द यूपी इण्डस्ट्रियल एस्टेट मैन्यूफेक्चर्स एसोसिएशन ने पीएम के भ्रष्टाचार व कालेधन पर नकेल लगाने के लिए उठाए गए कदम का स्वागत किया।

कानपुर में दिखा हल्का-फुल्का असर

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कानपुर में बंद की हकीकत बयां करती तस्वीर

होजरी और रेडीमेड कारोबारियों का कहना है कि नोटबंदी की वजह से उनका कोराबर ठंडा पड़ गया है। सर्दी में मंगाया गया माल डंप पड़ा है। साहलगी सीजन में बोहनी तक को कारोबारी पेरशान हो गए। कारोबारियों को करोड़ों रुपए का नुकसान उठाना पड़ा है। हमराज कॉम्पलेक्स, मसूद कॉम्पलेक्स, न्यू हमरॉज कॉम्पलेक्स, रजबी रोड, पेंचबाग समेत अन्य कोपरगंज की मार्केट में मौजूद करीब सात हजार से ज्यादा दुकानें बंद रही। इसके अलावा और जगह सामान्य दिनों की तरह बाजार खुला है। कांग्रेस और सपा की टोलियों ने घूम-घूमकर दुकानें बंद कराने की कोशिश की तो व्यापारियों ने बंदी को सर्मथन नहीं दिया। ज्यादातर कारोबारियों का कहना था एक तो पहले से ही धंधा नहीं ऊपर से बंदी और नुकसान पहुंचाएगी।

बंद बेअसर, खुली रहीं दुकानें, दावों के निकली हवा

shops-open-in-akbarpur-at-kanpur_1480330784कानपुर में कांग्रेस पार्टी के जन आक्रोश के सभी दावे उस वक्त धरे-धरे के रह गए जब आमजन उनके इस विरोध से कटा नजर आया। सड़को पर पार्टी के कार्यकर्ता तो उतरे लेकिन बंद के समर्थन में न तो दुकानदार व्यापारी वर्ग आगे आया और न ही उद्योगकर्मी और मजदूर। केवल गिनी चुनी जगह पर बंद का आशिंक असर दिखा। जनजीवन रोज की तरह सामान्य रूप से चलता रहा। open-market-panki_1480332207

कानपुर के पनकी इलाके में बन्दी का कोई असर नहीं दिखा। यहां के दुकानदारों ने कहा मार्केट बन्दी से दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद श्याम बिहारी मिश्र ने बताया कि बाजार में किसी प्रकार की बंदी नहीं है क्योंकि किसी राजनीतिक दल ने व्यापारी संगठनों से कोई बात नहीं की है। इसीलिये शहर का किराना मसाला मार्केट नया गंज, सर्राफा मार्केट बिरहाना रोड, चौक, गल्ला मंडी नौबस्ता, ट्रांसपोर्ट नगर, किदवईनगर, गोविंदनगर तथा मूलगंज जैसे सभी बाजार पूरी तरह से खुले हैं।

वहीं कानपुर देहात के अकबरपुर इलाके में आम दिनों की तरह ही दुकाने खुली और खरीददारी हुई। न तो दुकानदारों पर बंद का असर पड़ा और न ही खरीददारों पर। हां कुछ व्यापारी बंद की खिलाफत जरूर करते दिखे। उनका कहना था, पहले से व्यापार में मंदी आ गई है। अब वे बंद के चक्कर में पड़कर और बड़ी चोट खाने को तैयार नहीं। शिवली में बंद बेअसर रहा।shops-open-in-akbarpur-at-kanpur_1480330784

congress-and-the-left-came-to-streets_1480333094पु्खरायां के व्यापारियों ने सोमवार को साप्ताहिक बंदी से गुजरने के बाद अपनी-अपनी दुकाने खोली। उधर डेरापुर में बाजार पर बंद का प्रभावी नहीं रहा। बिल्हौर में सुबह से ही स्थिति साफ हो गई थी कि इलाके के लोग बंद में शामिल नहीं होंगे। यातायात से लेकर व्यापार जगत के लोगों ने बंद को स्वीकारा नहीं।वहीं कानपुर शहर के सोमदत्त प्लाजा, नवीन मार्केट, दवा मार्केट, माल रोड में सभी दुकानें खुली हैं और सामान्य गति से काम चल रहा है।

कांग्रेस ने इलाके में जन आक्रोश यात्रा निकाली। नोटबंदी के फैसले को गलत ठहराते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। इस बीच चमनगंज, बेकनगंज, जाजमउ, बजरिया, हमराज मार्केट, सीसामउ जैसे इलाकों में कुछ दुकानें जरूर बंद दिखाई दीं।

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