सिस्टम और राजनीति के रेड सिग्नल पर खड़ी कानपुर मेट्रो को कब ग्रीन सिग्नल मिलेगा

99992751016लखनऊ में मेट्रो का ट्रायल हो गया और हो सकता है दो-तीन माह बाद वहां के लोग सफर भी शुरू कर दें। मगर सिस्टम और राजनीति के रेड सिग्नल पर खड़ी कानपुर मेट्रो को कब ग्रीन सिग्नल मिलेगा यह एक बड़ा सवाल है। वैसे तो कानपुर मेट्रो रेल परियोजना के लिए निर्माण शुरू तो हो गया है मगर यह आशंका गहराने लगी है कि आगामी विधान सभा चुनाव के दंगल में यह प्रोजेक्ट न पिस जाए। अब कभी भी आदर्श आचार संहिता लागू हो सकती है। ऐसे में अगले छह माह तक इस मेट्रो के लिए कोई धनराशि शायद ही स्वीकृत हो पाए। अभी तक केवल 50 करोड़ रुपए प्रदेश सरकार ने स्वीकृत किया है। मगर आगे जरूरतें बहुत हैं। केंद्र इस प्रोजेक्ट की मंजूरी दे तो एसपीवी में कार्पोरेशन का अध्यक्ष केंद्र के सचिव को बनाया जाए। केंद्र की स्वीकृति पर ही जापान या यूरोपीय संघ इस परियोजना में निवेश करेंगे। वहीं, केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडु ने चार अक्तूबर को कहा था कि मंजूरी दे दी जाएगी मगर दो माह बीतने का बाद भी न तो बैठक बुलाई गई और न ही फाइल ही आगे बढ़ी। दूसरी ओर शुक्रवार को मुख्य सचिव ने लखनऊ में आयोजित शासन के संबंधित अधिकारियों के सामने कहा कि एसपीवी गठित करने के लिए कैबिनेट नोट तैयार हो चुका है। केंद्र से वार्ता जारी है। कैबिनेट से मंजूरी मिलते ही दिक्कतें दूर जाएंगी। बैठक में कानपुर के मंडलायुक्त मो. इफ्तेखारुद्दीन, केडीए उपाध्यक्ष जयश्री भोज, केडीए के चीफ टाउन प्लानर आशीष शिवपुरी व उच्चस्तरीय विकास समिति के समन्वयक नीरज श्रीवास्तव थे।

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