आयकर विभाग की हिटलिस्ट में सात बड़े सराफा कारोबारी

कानपुर : संवाददाता-%e0%a4%86%e0%a4%af%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%97-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%9f%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f-%e0%a4%ae%e0%a5%87बैजनाथ रामकिशोर ज्वैलर्स पर छापे के साथ ही आयकर विभाग की हिट लिस्ट में कम से कम सात बड़े सराफा कारोबारी हैं। आयकर विभाग ने सीसीटीवी फुटेज, अपनी गुप्त छानबीन और पुख्ता सूत्रों के आधार पर रणनीति तैयार की है। आठ नवम्बर को हजार और पांच सौ के नोट बंद होने का फरमान जारी होते ही तिजोरियों में दबे करोड़ों रुपए रातोंरात बाहर निकल आए थे। काली कमाई को सफेद करने का जरिया बना सोना-चांदी। हालत ये हो गई कि 30 हजार रुपए प्रति दस ग्राम सोना 65 हजार तक पहुंच गया था। इसकी भनक मिलते ही आयकर विभाग की टीमें लगातार सक्रिय थीं। व्यापारियों के लेनदेन के साथ बैंकों में जमा होने वाले रुपयों पर नजर रखने पर काम शुरू हो गया था। आठ नवम्बर मंगलवार रात सराफा बाजारों में गाड़यिों की लाइन लग गई थी। अगले दिन बुधवार दोपहर में 48 हजार रुपए दस ग्राम में सोना बेचकर कालाधन खपाया गया। तबसे आयकर विभाग जांच निदेशालय की नौ टीमें लगातार सराफा कारोबारियों को राडार में लिए हैं। शोरूमों से निकलने वाले ग्राहकों और व्यापारियों का डाटा तैयार किया जा रहा है। आयकर विभाग के सूत्र के मुताबिक सिर्फ आठ से नौ नवम्बर के बीच चौबीस घंटे में कम से कम 78 करोड़ रुपए का सोना नंबर दो के रास्ते बेचा गया है। आयकर विभाग के मुताबिक हजार के नोट की मनी लां¨ड्रग धड़ल्ले से की गई है। हजार का नोट शुरुआत में 750 रुपए में खरीदा गया है। इसी पड़ताल और लेनदेन पर आयकर विभाग ने एक-एक सराफा व्यापारी का डाटा तैयार किया है। सूत्रों के मुताबिक कम से कम सात सराफा कारोबारियों के लेनदेन संदिग्ध पाए गए हैं।

बुधवार को देर शाम तक सराफा कारोबारी बैजनाथ रामकिशोर ज्वैलर्स के यहां आयकर विभाग की टीम जांच करती रही।

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