2016-सौगातों की खुशियां मिलीं तो रेल हादसों का दर्द भी

happy-new-year-2017-greetings-cardsकानपुर :साल 2016 कुछ सपने पूरे कर गया तो कई कड़वी यादें भी दे गया। सबसे बड़ा जख्म 20 नवंबर को पुखरायां में इंदौर-राजेन्द्र नगर (पटना) एक्सप्रेस दुर्घटना ने दिया। इस हादसे में हुई डेढ़ सौ से अधिक मौतें रेल के इतिहास में खौफनाक तस्वीर के रूप में दर्ज हुईं। यह जख्म भरा भी नहीं था कि माहभर बाद ही रूरा स्टेशन के पास में सियालदह-अजमेर रेल हादसे ने फिर कलेजा धक कर दिया। ऊपर वाले का शुक्र कि कोई मौत नहीं हुई। उत्तर मध्य रेलवे के लिए यह साल बड़ा भारी बीता। हादसों से एक अरब से ऊपर की क्षति उठाने के साथ सुरक्षा को लेकर रेलवे सवालों के घेरे में खड़ा हो गया। एक साल के अंदर दो सीआरएस जांच बैठीं। जाते-जाते साल के अंत में हादसे ने रेलवे को सवालों की पटरी पर ला खड़ा किया।

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