चुनाव की घोषणा के साथ ही आचार संहिता लागू, जानें क्या हैं नियम

code-of-cunduct1483528077_bigचुनाव आयोग ने बुधवार को 5 राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों की घोषणा कर दी है। ये चुनाव 4 फरवरी से शुरू होकर 8 मार्च तक होंगे। जिन 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, उनमें उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, पंजाब और मणिपुर शामिल हैं। गोवा, पंजाब और उत्तराखंड में ये चुनाव एक ही चरण में संपन्न हो जाएंगे, वहीं, यूपी में कुल 7 चरणों में विधानसभा चुनाव होंगे।

विधानसभा चुनाव का बिगुल बजते ही चुनावी राज्यों में आदर्श आचार संहिता भी लागू हो गई है। इसके लागू होते ही सभी राजनीतिक दलों को इसका पालन करना आवश्यक होता है। ये नियम पॉलिटिकल पार्टियों से सहमति के साथ ही बनाए गए हैं। आज हम आपको बता रहे हैं कि क्या है आदर्श आचार संहिता और इसके लागू होने के बाद उम्मीदवारों को क्या क्या करने में मनाही होती है:

48 घंटे पहले बंद करनी होगी पब्लिक मीटिंग, रैली 

जिस जगह चुनाव होंगे, वहां उम्मीदवार को 48 घंटे पहले ही पब्लिक मीटिंग, रैली आदि बंद करना होगी। इसके अलावा प्रत्याशी और राजनीतिक पार्टी को रैली, जुलूस, मीटिंग आदि के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस से इजाजत लेनी होगी।

कार्यकर्ता दूसरी रैलियों में नहीं डाल सकते बाधा 

चुनाव संहिता लागू होने के बाद राजनीतिक पार्टियों को यह सुनिश्चित करना होता है कि उनके कार्यकर्ता दूसरी राजनीतिक दलों की रैली में कहीं कोई बाधा नहीं डाले।

लाउडस्पीकर पर इस समय रहेगी रोक

चुनाव आचार संहिता के शुरू होते ही लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के समय का भी ऐलान कर दिया गया है। चुनावों के दौरान राजनीतिक दल व प्रत्याशी रात 10 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर का प्रयोग नहीं कर सकते हैं।

कार्यकर्ताओं को आईडी कार्ड देना जरूरी 

वोटिंग वाले दिन राजनीतिक दलों को अपने कार्यकर्ताओं को आईडी कार्ड देना आवश्यक है। इसके अलावा दल अपने कैंपस में ज्यादा भीड़ भी जमा नहीं होने दे सकते हैं। इसके अलावा मतदान केंद्र पर भी गैर जरूरी भीड़ जमा नहीं हो सकती।

नेता, दल का पुतला नहीं जला सकते 

चुनाव आचार संहिता के लागू होने के बाद से ही राजनीतिक दल, प्रत्याशी अन्य पार्टी के नेता, उम्मीदवार और पार्टी का पुतला नहीं जला सकते हैं। अगर ऐसा कोई मामला सामने आता है, तो चुनाव आयोग एक्शन लेता है।

आचार संहिता लागू होते ही राजनैतिक होर्डिंग बैनर पोस्टर पर टूटा प्रशासन का कहर:


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विधानसभा चुनाव की सन्निकटता को देखते हुये कुछ माह से विभिन्न दलों के टिकट के दावेदारों ने अपने अपने विधानसभा क्षेत्रों में प्रत्येक कस्बा की सड़कों व गलियों में होर्डिंग, बैनर व दीवारों पर पोस्टर चिपकाकर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रखी थी।
कानपुर देहात. विधानसभा चुनाव की सन्निकटता को देखते हुये कुछ माह से विभिन्न दलों के टिकट के दावेदारों ने अपने अपने विधानसभा क्षेत्रों में प्रत्येक कस्बा की सड़कों व गलियों में होर्डिंग, बैनर व दीवारों पर पोस्टर चिपकाकर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रखी थी। अपने मतदाताओं को त्योहारों पर शुभकामनाये संदेश देते हुये पोस्टर व होर्डिंग्स से बिजली के खम्भे, टेलीफोन के खम्भे व नगरों की ऊंची इमारतें पटी पड़ी थीं। लेकिन जैसे बुधवार को दोपहर के समय भारत निर्वाचन आयोग द्वारा आदर्श आचार संहिता लागू हुयी, वैसे ही तत्काल आदेश पाकर पुलिस व प्रशासन का कहर सबसे पहले नगरों में टंगे बैनर, होर्डिंग्स व चस्पा पोस्टरों पर टूट पड़ा। जिले की भोगनीपुर, रसूलाबाद, सिकन्दरा व रनिया-अकबरपुर विधानसभा के अंतर्गत आने वाले कस्बों अकबरपुर, डेरापुर, कांधी, झींझक, भोगनीपुर, रूरा, मैथा, शिवली, सिकन्दरा, रसूलाबाद, मलासा, तिश्ती, असालतगंज, कहिंझरी, कांधी आदि अन्य जगहो पर पुलिस बल की मौजूदगी मे कहीं नगर पंचायत कर्मी तो कहीं तहसीलदार व लेखपालों ने कर्मचारियों से खम्भों व दीवारों पर टंगे बैनर, होर्डिंग्स उतरवाये। साथ दीवारों पर राजनैतिक प्रचार के लिये की गयी वाल पेंटिंग भी पुतवाई गयी है।
निर्देशानुसार 24 घंटे में जिले से सारी राजनैतिक सामग्री उतारकर उसकी वीडियोग्राफी सहित पूरी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपे जाने के आदेश का पालन करते हुये अभियान शुरू किया गया। जिसके चलते जिले के मुख्यालय माती सहित कस्बा अकबरपुर में मुख्य विकास अधिकारी केके गुप्ता ने स्वयं खड़े होकर राजनैतिक प्रचार सामग्री उतरवाई। उन्होंने ये भी कहा कि आदर्श आचार संहिता का पालन करना हम सबका दायित्व है। इसलिये कोई भी राजनैतिक प्रचार सामग्री नहीं लगाई जायेगी। इसके बावजूद भी जिस दल के लोग अपनी मनमानी करते हुये आचार संहिता का उल्लंघन करेंगे, प्रशासन उनसे प्रचार सामग्री उतरवाने व ले जाने में खर्च हुयी धनराशि लेगा एवं आचार संहिता के उल्लंघन करने के एवज में उनके खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही की जायेगी।

 

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