कानपुर प्रशासन के लिए 26 जनवरी को होने वाला टी-20 मैच सिरदर्द बन गया

कानपुर
india-england-match-tickets-can-be-distributed-for-vote-in-up-elections-2017उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के ऐलान के बाद कानपुर प्रशासन के लिए 26 जनवरी को होने वाला टी-20 मैच सिरदर्द बन गया है। प्रशासन को आशंका है कि इस मैच के टिकट लोगों को फ्री में बांट राजनीतिक पार्टियां वोट खरीद सकती हैं। डीएम कौशल राज शर्मा के अनुसार, इस पर नजर रखने के लिए अलग टीमें बनाई जाएंगी। सिविल डिफेंस और स्पेशल पुलिस ऑफिसर्स की भी मदद ली जाएगी।भारत और इंग्लैंड के बीच 26 जनवरी को कानपुर के ग्रीनपार्क स्टेडियम में टी-20 इंटरनैशनल मैच होना है। नए कंस्ट्रक्शन के बीच स्टेडियम की दर्शक क्षमता करीब 25 हजार लोगों की है। कानपुर में थर्ड फेज में 19 फरवरी को वोट डाले जाएंगे। जबकि नॉमिनेशन का काम 24 जनवरी से शुरू हो जाएगा। ऐसे में प्रशासन की चिंता इस बात की है कि कहीं मैच के टिकट फ्री में बांटकर कुछ प्रत्याशी गड़बड़ न कर दें।डीएम के मुताबिक, इस आशंका के मद्देनजर हम कड़ी नजर रखेंगे। चुनाव के बीच वैसे भी मैच कराना बिल्कुल आसान नहीं है, लेकिन इसके आयोजन में कोई कसर नहीं रखी जाएगी। कानपुर को मैच कराने के लिए अतिरिक्त फोर्स वेस्ट यूपी से ही मिलने की उम्मीद है। बाहर से मैजिस्ट्रेट मिलने की कोई सूरत नजर नहीं आ रही है।

शराब पर भी नजर: डीएम के अनुसार, अवैध रूप से शराब बांटने के चलन पर भी आयोग की नजर है। एक्साइज डिपार्टमेंट को एक फॉर्मेट बनाकर दिया गया है। इसमें वह यह जानकारी लिखकर देंगे कि पिछले साल इन दिनों में कितनी शराब बिकती थी और इस बार सेल कहां तक पहुंची है। इस डेटा से गड़बड़ी तुरंत पकड़ में आएगी।

सीईओ से लेनी होगी वीडियो वाहन के इस्तेमाल की अनुमति : आयोग

विधानसभा चुनावों के दौरान प्रचार मंे इस्तेमाल किये जाने वाले वीडियो वाहन के बारे मंे दिशा निर्देश जारी करते हुए निर्वाचन आयोग ने कहा है कि इसके लिए राजनीतिक दलों को प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से अनुमति लेनी होगी । इसके अलावा परिवहन विभाग से भी एक प्रमाण पत्र लेना होगा ।

जिला निर्वाचन अधिकारी के. के. यादव ने आज यहां बताया, आयोग ने कहा है कि राजनीतिक दलों को चुनाव के दौरान वीडियो वाहन के इस्तेमाल की अनुमति प्रदेश के मुख्य चुनाव अधिकारी से लेनी होगी । इसमें इस्तेमाल होने वाले प्रचार सामग्री की मंजूरी भी मीडिया मॉनिटरिंग कमेटी से लेनी होगी ।

उन्होंने बताया कि राजनीतिक दलों को परिवहन विभाग के नोडल अधिकारी से यह प्रमाणपत्र लेना होगा कि वीडियो वाहन एम वी अधिनियम के अनुसार है । इसमें केवल राजनीतिक दलों के नीतियों और कार्यक्रमों का ही प्रचार किया जाएगा और अगर किसी उम्मीदवार का प्रचार किया गया तो इसका खर्चा संबंधित उम्मीदवार के चुनाव खर्च में जोड़ दिया जाएगा ।

यादव ने बताया कि मतदान में अधिक से अधिक भागीदारी के मद्देनजर मतदाताओं को जागरूक करने के लिए बैंकों की मदद ली जाएगी ।

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