जू में जल्द गूजेंगी बब्बर शेर के बच्चों की किलकारियां

कानपुर. पिछले दो साल से जू के बाड़े में बब्बर शेरों की दहाड़ सुनाई नहीं दे रही थीं। इसी के चलते 11 दिसंबर 2016 को रायपुर से अंजली और अजय नाम के दो शेरों के जोड़ों को लाया गया था। जू में आने के बाद शेरनी अंजली गर्भवती हो गई है। जिसके बाद अब लगभग 100 दिन बाद बब्बर शेर के जोड़ों के साथ उनके बच्चों की किलकारियां भी प्राणि उद्यान में गूजेंगी। डॉक्टर यूजी श्रीवास्तव के मुताबिक शेरनी गर्भवती हो गई है और वह पूरी तरह से स्वस्थ्य है।
सीएम अखिलेश यादव के आदेशानुसार कानपुर प्राणि उद्यान से लायन सफारी कई शेर भेज दिये गये। जिससे यहां पर दर्शकों का आना कम हो गया और रही सही कसर चिंपाजी छज्जू की मौत ने पूरी कर दी। दर्शकों में भारी गिरावट को देखते हुए जू प्रशासन ने कई दौर के बाद 10 दिसम्बर को रायपुर के नंदन प्राणि उद्यान से बब्बर शेर का जोड़ा लाया गया। जिसमें नर अजय व मादा अंजली है। यह जोड़ा पहली बार 11 दिसम्बर को सुबह दहाड़ लगाया और प्राणि उद्यान में बब्बर शेर के जोडे के आने से दर्शकों की संख्या में इजाफा हो गया। लेकिन अब यहां के दर्शकों को जल्द ही बब्बर शेर के अलावा उनके शावकों की किलकारियां भी सुनाई देगीं।
अंजली का रखा जा रहा है ख्याल
जू के डॉक्टर यूसी श्रीवास्तव ने बताया कि यहां की आबोहवा से बब्बर शेर का जोडा रम गया है और पूरी तरह से वह खुशहाल है। बताया कि बीते दो सप्ताह से दोनों को एक साथ रखा जा रहा है और इस समय शेरनी अंजली एक हफ्ते की गर्भ से है। जांच में शेरनी पूरी तरह से स्वस्थ्य है और उसकी देखरेख अब विशेष रूप से की जा रही है।
खान-पान में हुआ बदलाव
डॉक्टर श्रीवास्तव ने बताया कि अभी तक पांच-पांच किलो मीट दिया जाता था, पर अब शेरनी के गर्भ को देखते हुए उसके खान-पान में बदलाव किया गया है। बताया कि मीट के साथ अंडे, दूध भी दिया जा रहा है और समय-समय पर ताकत की चीजे भी दी जाएंगी। कहा कि इसके लिए एक डॉक्टर व तीन कर्मचारियों की टीम को लगाया गया है जो शेरनी की हर गतिविधियों पर नजर रखेगी।