स्टापेज पर बस नहीं, मिलती सब्जियां

रावतपुर गोल चौराहे से माल रोड तक नो टेंपो जोन कर शहर का सबसे खूबसूरत मार्ग बनाने का ख्वाब अधूरा ही रह गया। स्टापेज पर न तो कोई बस रुकती है और न ही कोई स्टापेज सही सलामत है। किसी स्टापेज पर सब्जी मंडी लग रही है तो किसी पर नाई की दुकान खुली है।9 जून 2012 को गोल चौराहे से माल रोड नरोना चौराहे तक नो टेंपो जोन घोषित किया गया था। इस जोन की रखवाली के लिए नगर निगम, रोडवेज, आरटीओ को जिम्मेदारी सौंपी गई थी लेकिन किसी ने अपना दायित्व नहीं निभाया। स्थिति ये है कि रावतपुर स्टेशन के पास स्टापेज के अंदर सब्जी मंडी लगती है। हर्षनगर में स्टापेज पर पान मसाला बेचा जा रहा है तो ईदगाह के सामने पंचर की दुकान खुली है। स्टापेज पर नाई की दुकान भी दिख जाएगी।

परमिट कहीं का, दौड़ती जोन में

प्राइवेट महानगर की बसों की हालत ये है कि परमिट किसी रूट का है और नो टेंपो जोन में दौड़ रही हैं। संभागीय परिवहन के प्रवर्तन दस्ते जानते हुए भी इन बसों पर हाथ नहीं डालते। प्रवर्तन दस्ते की अनदेखी कहीं न कहीं उनकी मिलीभगत उजागर करती है।

किसे क्या कार्य करना था

मंडलायुक्त: व्यवस्था टीम पर नजर रखना।

आरटीओ: वाहनों की चेकिंग एवं उन्हें व्यवस्थित करना।

रोडवेज: सिटी बसों को सुचारु रुप से चलवाना।

नगर निगम: नो टेंपो जोन में अवैध कब्जे नहीं होने देना।

यातायात विभाग: नो टेंपो जोन को जाम से बचाने की जिम्मेदारी है।

यात्री शेड की सर्वे रिपोर्ट

तीन वर्ष पूर्व नगर निगम ने नो टेंपो जोन में यात्री शेड की जो सर्वे रिपोर्ट नगर आयुक्त को सौंपी थी, उसमें ये था।

नरोना चौराहा से गोल चौराहा: नरोना चौराहा, क्वालिटी, फूलबाग चौराहा, राम आसरे पार्क टेंपो स्टैंड के अंदर, उर्सला हास्पिटल, परेड चौराहा से 50 गज पहले, पीपीएन मार्केट के पास शेड नहीं है, चुन्नीगंज, बकरमंडी पार्क, ईदगाह व जल संस्थान के पास शेड नहीं है।

गोल चौराहा से नरोना चौराहा: गोल चौराहा, स्वरूप नगर, मोतीझील गेट के सामने बने छोटे मंदिर के पास, मोतीझील शिवाजी मूर्ति के आगे शेड नहीं है। वहीं केसा के सामने, नरोना चौराहा व एक्सप्रेस रोड तिराहे पर शेड नहीं है।

नो टेंपो जोन में नियमित रूप से अतिक्रमण को हटाया जाता है। अभियान और तेज किया जाएगा। अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

-रण विजय सिंह, सीओ ट्रैफिक