घाट तो चमकेंगे, गंदगी कब रोकेंगे

jajmau-gangaकानपुर : गंगा सफाई के नाम पर कई योजनाओं में अरबों रुपये पानी की तरह बहा दिए गए, लेकिन नतीजा सिफर रहा। अब घाटों को संवारने के लिए नमामि गंगे परियोजना के तहत काम शुरू हुआ है। इसमें घाटों को पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित किया जाना है, मगर घाटों के आसपास की बस्तियों से गंगा में गिरने वाले गंदे पानी को रोकने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है। ऐसे में कहीं गंगा सफाई की पुरानी योजनाओं की तरह इस योजना का भी हश्र न हो जाए।

कानपुर : माघ मेले के दौरान शहर की टेनरियों का संचालन बंद करने के आदेश पहले ही दिन हवा हवाई साबित हुए। मंगलवार को टेनरियों के निरीक्षण पर अफसरों के जाने का दावा तो किया गया लेकिन वे कब गए, इसकी भनक तक किसी को नहीं लगी। उधर गंगा में टेनरियों का दूषित पानी में रोज की तरह गिरता रहा।

 

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