ठिठुरता कानपुर :कांपते रहो भइया, नहीं है आसरा

कानपुर। तापमान दो डिग्री पहुंच गया तो सड़क पर सोने वालों की आफत आ गई। अलाव के सहारे रात काटने वाले लोग कांप रहे थे। कोई टायर जलाकर तो कोई कागज, गत्ते बटोर सर्दी से बचने की कोशिश कर रहा था। हिन्दुस्तान टीम ने गुरुवार रात 11 बजे के बाद शहर का हाल जाना तो ऐसी तस्वीर सामने आई। प्रमुख चौराहों पर अलाव नहीं थे। शेल्टर हाउस के भीतर लोग सो रहे थे पर बाहर-भीतर से अलाव गायब था। नगर निगम ने 116 स्थानों पर अलाव जलाने का दावा किया पर हकीकत कुछ और ही है।

बर्फीली हवा के साथ शीतलहर ने कानपुर समेत पूरे प्रदेश में लोगों को ठिठुरने के लिए मजबूर कर दिया। गुरुवार को कानपुर का अधिकतम तापमान 17.8 व न्यूनतम दो डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं सर्दी से कानपुर व आस-पास के जिलों में 15 लोगों ने दम तोड़ दिया। कानपुर में पिछले पांच दिनों से चल रहीं बर्फीली हवाएं बुधवार/गुरुवार रात चार से सात किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चलीं। जैसे-जैसे हवा की रफ्तार बढ़ती गई, तापमान में गिरावट आती रही। 14 साल पहले की याद आई : 12 जनवरी 2003 को कानपुर का न्यूनतम तापमान शून्य पर पहुंच गया था। 2001 में इसी दिन यह 0.6 डिग्री सेल्सियस था।लखनऊ सबसे सर्द : बुधवार की रात प्रदेश का सबसे ठण्डा स्थान लखनऊ रहा। मौसम विभाग ने राज्य में कुछ जगहों पर पाला पड़ने की भी आशंका जताई है।

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