सीओडी पुल पर टू-लेन के लिए लग गए गर्डर

99992938476 d6781सीओडी के निर्माणाधीन पुल का काम अब रफ्तार पकड़ने लगा है। शुक्रवार को पुल पर गर्डर चढ़ाने का काम किया गया। गर्डर के साथ स्लैब डालने और रेलिंग लगाने का काम भी होगा। बगल के टू-लेन के पिलर पर गर्डर लगाने का काम भी जल्द होगा।

नौ साल बाद सीओडी पुल पर टू-लेन की कनेक्टिविटी की राह आखिरकार साफ हो गई। रामादेवी साइड की तरफ भी सारे गर्डर डाल दिए गए हैं। 30 जनवरी तक सारे गर्डर पर स्लैब डालने की तैयारी है। अगर सब कुछ पटरी पर रहा तो इसी साल क्रॉसिंग होकर वाहनों को जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। पीडब्ल्यूडी के हाईवे ¨वग ने सीओडी पुल के निर्माण को पूरा करने की रफ्तार तेज कर दी है। फिलहाल सारा जोर टू-लेन के पुल पर यातायात शुरू कराने पर है। इसका काम होने के बाद ही बगल के टूलेन का काम होगा। पिछले रविवार तक सीओडी क्रॉसिंग के टाटमिल की तरफ वाले सारे गर्डर डाल दिए थे। अब रामादेवी की तरफ वाले गर्डर भी पिलर पर रख दिए गए हैं। हाईवे ¨वग के अधिशासी अभियंता वीके श्रीवास्तव कहते हैं कि अब गर्डर के नट-बोल्ट कसे जाएंगे। इसके बाद हमारी तैयारी 30 जनवरी तक स्लैब डाले जाने की है। कोशिश की जा रही है कि मार्च के बाद इस पर टूलेन का ट्रैफिक शुरू करा दिया जाए। स्लैब डालने के साथ ही रेलिंग लगाने का भी काम होगा। बगल के टूलेन के पिलर पर गर्डर और स्लैब डालने का काम इस टूलेन के बाद करेंगे।

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खपरा मोहाल पुल के नीचे से निकल सकेंगे

खपरा मोहाल पुल बनने के बाद क्रॉसिंग प्वाइंट का रास्ता बंद करने पर शुक्रवार को सुबह विवाद खड़ा हो गया। बाद में विधायक के साथअफसरों ने बैठक की और तय हुआ कि पुल के नीचे से निकलने के लिए रास्ता दिया जाएगा। शुक्रवार सुबह लोगों ने पुल क्रासिंग प्वाइंट से न निकलने देने पर नाराजगी जताई। आसपास के लोगों का कहना था कि आबादी की वजह से उन्हें कम से कम छह फुट का रास्ता दिया जाए। जबकि रेलवे का इंजीनियरिंग अमला सुरक्षा के लिहाज से दीवार बंद करके रास्ता बंद कर रहा था। इसको लेकर काम करवा रहे ठेकेदार से भीड़ की नोकझोंक और धक्कामुक्की हुई। सूचना पर भाजपा विधायक रघुनंदन भदौरिया वहां पहुंचे। रेलवे की निर्माण शाखा के अफसरों संग बैठक कराई। बाद में तय हुआ कि फिलहाल पांच फुट चौड़ा रास्ता लोगों को निकलने को दिया जाएगा। तब जाकर भीड़ वहां से हटी।

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