बिल्हौर :अगर कांग्रेस ने नहीं उतारा प्रत्याशी तो इस सीट पर होगा त्रिकोणीय संघर्ष

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कानपुर देहात। बसपा, भाजपा के टिकट घोषित होने के बाद मतदाताओं में चुनावी जोश भर गया। वहीं सपा के घरेलू दंगल के दौरान मुलायम सिंह द्वारा टिकटों की सूची जारी करने पर बिल्हौर से विधायक रही अरुणा कोरी को सुरक्षित सीट रसूलाबाद से प्रत्याशी घोषित किया गया। लेकिन जब घरेलू विवाद में अखिलेश यादव को पार्टी का अध्यक्ष घोषित कर दिया गया तो अखिलेश ने नई सूची जारी की, जिसमें अरुणा कोरी का नाम न होने की बात सामने आयी। जिस पर रसूलाबाद विधानसभा के सपा समर्थकों मे हलचल बनी रही। वहीं दूसरी तरफ मतदाताओं को भी भाजपा प्रत्याशी निर्मला संखवार व बसपा प्रत्याशी पूनम संखवार दो ही योद्धा चुनावी मैदान में दिखने लगे।
कांग्रेस व सपा के गठबंधन में कांग्रेस को 105 सीटों पर लड़ाने के फैसले पर रसूलाबाद में कांग्रेस की टिकट के लिये ताल ठोंक रहे प्रबुद्ध श्रमशील व धर्मेंद्र दिवाकर ने दौड़ भाग तेज कर दी है, लेकिन सूत्रों से जानकारी मिली कि दिग्गज नेता रहे राजाराम पाल पहले से ही कांग्रेस से रसूलाबाद सीट से टिकट के लिये हाईकमान की दहलीज पर कुंडली मारकर बैठे हैं। कांग्रेसी दावेदारों की सक्रियता देखते हुये मतदाताओं को अरुणा कोरी की टिकट पर संकट के बादल मंडराते नजर आ रहे हैं।
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तीनों महिला प्रत्याशियों में होगा कड़ा संघर्ष
2012 के विधानसभा चुनाव में बसपा से चुनाव लड़ी निर्मला संखवार इस बार भाजपा से टिकट लेकर ताल ठोंक रही हैं। इससेपूर्व घाटमपुर से भी बसपा से चुनाव लड़ चुकी हैं, जो अब मोदी की शैली पर जनता को रिझा रही हैं। दूसरी तरफ बसपा से प्रत्याशी पूनम संखवार भी पीछे नहीं हैं। पहली बार चुनाव मैदान में आयीं पूनम करीब एक वर्ष से दावेदारी ठोंकते हुये क्षेत्र के लोगों से जनसम्पर्क बनाये हुये हैं, जो अनुसूचित मतदाताओं के साथ मुस्लिम मतदाताओं के सहारे जीत का दावा कर रही हैं। वहीं सत्तासीन रही समाजवादी पार्टी से प्रत्याशी अरुणा कोरी बिल्हौर से विधायक रहने के बाद अब रसूलाबाद में अखाड़ा खोद चुकी हैं। सपा द्वारा प्रत्याशी घोषित होने के बाद अरुणा कोरी ने क्षेत्र की भौगोलिक जानकारी जुटा ली है और क्षेत्रीय लोगों ंसे सम्पर्क बनाने में मशगूल हैं, लेकिन सपा कांग्रेस के गठबंधन के बाद अगर कांग्रेस रसूलाबाद सीट पर सपा से समझौता करती है तो रसूलाबाद सीट पर तीनों महिला प्रत्याशियों मे जमकर संघर्ष होगा।
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इस सीट से महिलाओं को कभी नहीं चुना गया
पिछले 2012 के चुनाव में महिला प्रत्याशी के रूप मे बसपा से निर्मला संखवार रसूलाबाद से उतरीं थी। सपा से शिवकुमार बेरिया ने 66940 वोट पाकर निर्मला संखवार को 16835 मतों से हराया था। इसके पूर्व यह विधानसभा डेरापुर थी। जहाँ से भाजपा से महिला प्रत्याशी के रूप मे कमलरानी वरुण ने हुंकार भरी थी, जिसमें उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा था। लेकिन इस बार सपा, बसपा व भाजपा से महिला प्रत्याशियों ने चुनाव का दंगल हाँक दिया है।
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