दो मंजिल की जगह तान दी 6 मंजिला अवैध बिल्डिंग

pokharpurकानपुर में हुए एक दर्दनाक हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। आज यहां के चकेरी थाना क्षेत्र के गज्‍जूपुरवा इलाके में बन रही एक मल्‍टीस्‍टोरी बिल्‍िडंग भरभरा कर गिर गई। हादस के बाद वहां चीख पुकार मच गई। इस बिल्डिंग हादसे में वहां काम कर रहे 8 मजूदरों की मौत हो चुकी

कानपुर के चकेरी इलाके में एक बहुमंजिला बिल्‍िडंग का निर्माण चल रहा था। बताया जाता है कि यह बिल्‍िडंग सपा के वरिष्‍ठ नेता मेहताब आलम की है। बिल्‍डिंग की छठी मंजिल का स्‍लैब ढाला जा रहा था और काफी संख्‍या में मजदूर यहां काम कर रहे थे। उसी दौरान ये पूरी बिल्‍डिंग ताश के पत्‍तों की तरह भरभराकर गिर गई। घटना के बाद मची अफरातफरी के बीच बिल्‍डिंग के मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए अभियान शुरु हुआ। इस काम में आर्मी के साथ साथ राजधानी लखनऊ से बुलाई गई NDRF की टीम भी बचाव के काम में लगी

बिल्डिंग का नक्शा पास कराए बगैर 387 स्क्वॉयर मीटर एरिया में 6 मंजिला बिल्डिंग तान दी। 7वें फ्लोर की स्लैब डालने की तैयारी हो रही थी, जबकि 387 स्क्वॉयर मीटर एरिया में ग्राउंड प्लस टू फ्लोर ही बनाए जा सकते हैं।

बिल्डिंग पर लगा था ऑब्जेक्शन

आराजी संख्या 628 व 646 गज्जूपुरवा स्थित 387 स्क्वॉयर मीटर एरिया में मकान बनाने के लिए 5 दिसंबर, 2015 को मेहताब आलम ने केडीए में मैप दाखिल किया था। नियमानुसार ग्राउंड प्लस टू फ्लोर तक निर्माण का मैप सबमिट किया गया था। लेकिन लोकेशन प्लान न दिखाने, साइट प्लान स्पष्ट न होने की वजह से केडीए ने ऑब्जेक्शन लगा दिया था। लेकिन मेहताब आलम की तरफ से इन ऑब्जेक्शनंस को दूर करने के लिए कोई जवाब नहीं लगाया, जिसके बाद केडीए अफसरों ने फाइल बन्द कर दी। इसी तरह मेहताब आलम के नाम आराजी संख्या 634 व उनकी बेटी के नाम से आराजी संख्या 1032 के लिए मैप केडीए में सबमिट किया गया था। केडीए अफसरों के मुताबिक ये दोनों मैप भी पास नहीं हो सके थे। एक में जमीन ग्राम समाज की होने और दूसरे में कोर्ट केस होने की वजह से ऑब्जेक्शन लगाए गए थे.

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