चुनाव बाद न्यूरो साइंस सेंटर की सौगात

13_05_2016-img_3019KANPUR: प्रदेश के पहले न्यूरो साइंस सेंटर पर चुनाव का ग्रहण लग गया है। यह अब चुनाव बाद शुरू होगा। इसकी बिल्डिंग को मेडिकल कॉलेज को सौंप दिया गया है। वहीं इस अत्याधुनिक विभाग के लिए उपकरणों की खरीदारी से लेकर स्टॉफ के पद सृजित करने का काम चल रहा है। मालूम हो कि मेडिकल कॉलेज में न्यूरोलॉजी के डॉक्टर्स मेडिसिन विभाग के अंतर्गत ही आते थे। लेकिन अब न्यूरोलॉजी और न्यूरो सर्जरी विभाग बन गए हैं। जोकि नए न्यूरो साइंस सेंटर में काम करेंगे। इस नए सेंटर में मस्तिष्क और स्पाइन का सुपर स्पेशिएलिटी इलाज संभव होगा। साथ ही डीएम इन न्यूरोलॉजी और एमसीएच इन न्यूरो सर्जरी जैसे कोर्स भी शुरू होंगे।

एक साल की हो चुकी देरी

जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में नए न्यूरो साइंस सेंटर को सीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट्स में गिना जाता है। जुलाई 2012 में इसकी घोषणा हुई और नवंबर 2014 से इसके 4 मंजिला भवन का निर्माण शुरू हुआ। शासन भवन निर्माण के लिए 8 करोड़ रुपए मिले। इसके अलावा उपकरणों की खरीद के लिए अलग बजट आया। पिछले साल अक्टूबर में ही इसका निर्माण पूरा कर लिया गया और इसका लोकार्पण भी हो गया, लेकिन आचार संहिता लग जाने से इसमे काम काज रुक गया।

कार्डियोलॉजी की तर्ज पर डेवलप होगा

न्यूरो साइंस सेंटर को मेडिकल कॉलेज से अलग एक इंस्टीटयूट की तरह डेवलप करने का प्रपोजल शासन के पास है जिसे सैद्धांतिक सहमति भी मिल चुकी है। इसके बाद यह कार्डियोलॉजी और जेके कैंसर हॉस्पिटल की तर्ज पर विकसित होगा। जिसका अलग बजट और स्टॉफ होगा। इसकी शुरुआत मेडिकल कॉलेज में न्यूरो लॉजी और न्यूरो सर्जरी विभाग बना कर की जा चुकी है। न्यूरोलॉजी विभाग को इंस्टीटयूट ऑफ मेडिसिन से अलग भी किया जा चुका है।

चुनाव बाद जारी होगा जीओ

न्यूरो साइंस सेंटर में स्पेशिएलिटी ओपीडी से लेकर अत्याधुानिक आईसीयू, एचडीयू व माडयूलर ओटी की व्यवस्था की गई है। मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ। नवनीत कुमार के मुताबिक शासन से न्यूरो साइंस सेंटर शुरू करने के लिए चुनाव बाद स्टॉफ व अन्य सुविधाओं के लिए अनुमति मिलने की उम्मीद है। सारी चीजों पर सहमति बन गई है। यह यूपी का पहला न्यूरो साइंस सेंटर है। इससे कानपुर और आसपास के जिलों से आने वाले पेशेंट्स को काफी फायदा मिलेगा।

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