कानपुर बना फौजकी ताकत

कानपुर की ताकत अब पूरी दुनिया देखेगी। विदेशी हथियारों और टेक्नोलॉजी से लैस भारतीय सेना को स्वदेशी हथियारों की ताकत देने में कानपुर की ऑर्डिनेंस फैक्ट्रियों का बड़ा योगदान है। इन फैक्ट्रियों में 98 फीसदी हथियार व कलपुर्जे स्वदेशी तकनीक से तैयार हो रहे हैं। ओएफसी कानपुर में धनुष एडवांस के बाद धनुष-3 और पिनाका-2 तैयार है। 60 तरह के तोप के गोले बन रहे हैं। रूस के साथ ‘ब्रह्मोस’ की तर्ज पर ‘स्मर्च’ राकेट की तैयारियां जोरों पर हैं। दुनिया की पहली ज्वाइंट वेंचर प्रोटेक्टिव कार्बाइन (जेवीपीसी) परीक्षण के लिए तैयार है। ये गौरवशाली जानकारियां शुक्रवार को आयुध निर्माणी दिवस पर ओएफसी के वरिष्ठ महाप्रबंधक अरुण कुमार जैन, फील्ड गन फैक्ट्री के महाप्रबंधक शैलेन्द्र नाथ, एसएएफ के महाप्रबंधक एच आर दीक्षित ने दीं।

 

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