कानपुर में गंगा मेला के दिन दही हांड़ी फोड़ यूं उड़ाया गुलाल

कानपुर.यूपी में ज्यादातर जगह होली एक दिन ही खेली जाती हैं, लेकिन यहां गंगा मेला के दिन महिलाएं बच्चों संग रंगों में सराबोर नजर आईं। पूरे एक हफ्ते लगातार खेली जाने वाली कानपुर की होली पूरे प्रदेश में मशहूर है। महिलाओं ने दही हांड़ी फोड़ कर एक दूसरे पर अबीर और गुलाल उड़ाया। वहीं सभी समुदाय के लोग भी इसमें मौजूद रहे।गंगा मेला के पीछे एक आजादी का क्रांतिकारी इतिहास जुड़ा हुआ है। गंगा मेला के पीछे है क्रांतिकारी इतिहास...
– जूही स्थित बसंती नगर में फ्रेंड्स ग्रुप द्वारा गंगा मेला रंग पंचमी के अवसर पर दही हांडी फोड़ कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
– इसमें महिलाओं सहित बच्चो ने भी हर्षोल्लास के साथ जमकर होली खेली। डीजे के धुन पर सभी मगन होकर थिरकते नजर आए।
– स्थानीय लोगों ने बताया कि 1942 में अंग्रेजो ने होली खेलने वालो को अरेस्ट कर लिया था। एक हफ्ते बाद जब अनुराधा नक्षत्र पड़ी तब अंग्रेजो ने होलियारों को छोड़ा था।
– इसके बाद से ही एक हफ्ते की होली की शुरुआत हुई। होलियारों ने हटिया बाजार के रज्जन बाबू पार्क से रंग खेलना शुरू किया और पूरे शहर में घूम-घूम कर रंग खेला।
कानपुर.शहर के दो विधायकों ने अपने अनोखे अंदाज में समर्थकों के साथ होली खेली। ढोल की थाप पर नाचते और अपने परिवार के साथ रंग खेलते नजर आए। शहर के 7 बार के विधायक सतीश महाना ने अपने परिवार के साथ में जमकर रंग खेली तो वही किदवई नगर से बीजेपी विधायक महेश त्रिवेदी अपने समर्थकों के साथ में ढोलक बजाकर फाग गाते नजर आए। इस दौरान दोनों विधायकों के समर्थकों ने ढोल की थाप पर जमकर थिरकते नजर आए।
सतीश महाना ने बताया की इस बार हम लोगों ने केसरिया रंग से होली खेली है। जिस तरह मोदी जी को प्रदेश में पूर्ण बहुत प्राप्त हुए हैं उससे लगता है अब प्रदेश केसरिया मय हो गया है।

 

समर्थकों के साथ ढोलक बजाकर होली सेल‍िब्रेट करते व‍िधाय महेश त्र‍िवेदी।

होली सेल‍िब्रेट करते व‍िधायक सतीश महाना।

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