बेखौफ कटियाबाजी

कानपुर : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर को 24 घंटे बिजली देने का वादा किया है लेकिन इसे अमलीजामा पहना पाना इतना आसान नहीं। महानगर में लाइनलॉस भरपूर बिजली आपूर्ति की कोशिशों को पलीता लगा रहा है। प्रमुख सचिव ऊर्जा ने केस्को प्रबंधन को बिजली चोरी रोकने के लिए बड़ा अभियान चलाने का आदेश दिया है। सवाल यह है कि क्या उन इलाकों में अभियान अबकी शत प्रतिशत सफल होगा, जहां सिस्टम से खिलवाड़ कर कटियाबाजी बेरोकटोक हो रही है। अब जब गर्मी शुरू हो चुकी है तो घनी आबादी में बिजली चोरी उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन को भारी पड़ने लगी है।

जब महानगर में हर महीने करीब 120 करोड़ रुपये की बिजली सिर्फ लाइनलॉस के रूप में बेकार चली जा रही है तो शहर को भरपूर बिजली का सपना कैसे पूरा हो सकेगा। कई सब स्टेशनों में लाइनलॉस 50 फीसद से अधिक है। आलूमंडी और बिजली घर डिवीजन में सबसे ज्यादा लाइनलॉस है। ये वही जाने-माने इलाके हैं, जिनकी पहचान बिजली चोरी के रूप में है। यहां कटिया के खिलाफ अभियान हर बार दम तोड़ जाता है।

 

कई मोहल्ले बिजली चोरी के लिए बदनाम : केस्को के विजीलेंस की गोपनीय रिपोर्ट के अनुसार कटियाबाजों की जड़ें गहरी हैं। कई बड़े मोहल्ले सिर्फ बिजली चोरी के नाम से जाने जाते हैं। यह खेल अभियंता से लेकर लाइनमैन की मिलीभगत से चल रहा है। खासतौर पर गम्मू खां का हाता, रोशन नगर, सईदाबाद, मोहम्मद अली पार्क, तेजबाग, नाला रोड, परमियापुरवा, सीटीएस कल्याणपुर, घोसियाना, गोरा कब्रिस्तान, कासिमगंज, फहिमाबाद, मकड़ीखेड़ा, बैरी, सेक्टर 3 अंबेडकरपुरम, मसवानपुर, नानकारी, बारासिरोही, जरीब चौकी, दादानगर फीडर के कई औद्योगिक क्षेत्र, विकास नगर, गीता नगर, गोविंद नगर, नौबस्ता, हैरिसगंज व गुमटी आदि प्रमुख इलाकों में जमकर बिजली चोरी होती है।

 

कानपुर : कर्रही रोड विश्व बैंक बर्रा स्थित एक कांप्लेक्स का बिजली कनेक्शन काटने गए केस्को अभियंताओं से मोहल्ले के लोगों ने धक्कामुक्की की। लोग जब समझाने के बाद भी नहीं माने तो तहसीलदार और अन्य अभियंता बिना कनेक्शन काटे ही लौट गए। 1कर्रही निवासी एक कांप्लेक्स मालिक पर 26 लाख रुपये का बिजली बिल बकाया है। पूर्व में भी कांप्लेक्स मालिक के विरुद्ध मुकदमा हो चुका है और पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। केस्को के अधिशासी अभियंता प्रशांत कुमार के साथ आधा दर्जन अभियंता और तहसीलदार विजय यादव सुबह कांप्लेक्स पहुंचे। जैसे ही कनेक्शन काटने की प्रक्रिया शुरू हुई तो कांप्लेक्स मालिक ने आसपास के लोगों को एकत्र कर लिया। लोगों ने हंगामा कर अभियंताओं के साथ धक्का मुक्की की। बड़ी मुश्किल से मामला शांत होने पर अफसर वहां से लौट गए। कांप्लेक्स मालिक का दावा है कि केस्को के अभियंता उसे परेशान कर रहे हैं।

कानपुर : अधिक लाइनलॉस और बिजली चोरी वाले इलाके में केस्को बड़ा अभियान चलाने जा रहा है। केस्को के मुख्य अभियंता योगेश हजेला ने इस संबंध में चार मंडल अफसरों को कांबिंग अभियान शुरू करने को कहा है। खास तौर पर यह अभियान सीसामऊ, गंगागंज, अजीतगंज, शांति नगर, दहेली सुजानपुर और गुवा गार्डेन में चलाए जाएंगे। इस अभियान के तहत लाइनलॉस वाले इन क्षेत्रों में बिजली चोरी पकड़े जाएगी। इसके तहत बड़े व छोटे बिजली चोरों को चिह्न्ति कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

कानपुर : थर्मल बैकिंग की वजह से पिछले 70 दिन से बंद चल रहा पनकी पॉवर प्लांट आखिर लंबे इंतजार के बाद फिर से चल पड़ा। गुरुवार रात 12 बजे से पनकी प्लांट की दोनों यूनिटों में उत्पादन शुरू हुआ। शुक्रवार को शाम चार बजे तक लगभग 150 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो गया था।1बीते 18 जनवरी को 105 मेगावाट की पुरानी दो यूनिटों को बंद कर दिया गया है। वजह बताया गया थर्मल बैकिंग। सिर्फ यही प्लांट नहीं, पारीछा और हरदुआगंज की भी यूनिटें बंद कराई थीं। इस बीच अफसरों और कर्मचारियों को बैठाकर वेतन और दूसरी सुविधाएं मुहैया कराई जा रही थी। उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम से निर्देश मिलने के बाद प्लांट की दोनों इकाइयों को गुरुवार देर रात लाइट अप मोड पर डाला गया था। देर रात करीब 12 बजे से बिजली का उत्पादन शुरू कराया गया। बता दें कि बंद की गई यूनिटों के संबंध में पिछले दिनों प्लांट प्रबंधन के अधिकारी नए ऊर्जा मंत्री से मिले थे। उन्होंने थर्मल यूनिट को चालू कराने का आश्वासन सप्ताह भर पहले ही अधिकारियों को दिया था। 1660 मेगावाट यूनिट को पर्यावरण मंत्रलय की सहमति का इंतजार : पनकी प्लांट में 660 मेगावाट क्षमता की प्रस्तावित इकाई के लिए पर्यावरण मंत्रलय की अनुमति अभी मिलनी बाकी है। पिछले दिनों पनकी में आई पर्यावरण एवं वन मंत्रलय की टीम अपनी रिपोर्ट सौंप चुकी है, लेकिन अभी तक उनकी ओर से कोई अगले संकेत नहीं मिले हैं।

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