रोज संडे जैसा रहे, जाम से तो राहत मिले

कानपुर : मूलगंज से घंटाघर जाने वाली सड़क के दोनों ओर की यह फोटो देखिए, दो कार्य दिवस यानि शुक्रवार की हैं जबकि दो अवकाश यानि रविवार की। सड़क वही है, स्थान वही है। बस व्यापारियों का कब्जा नहीं है तो आवागमन में राहत है वरना इस सड़क पर मिनटों का सफर घंटों में पूरा होना रोजमर्रा का हाल हो गया है। यहां बादशाहीनाका और कलक्टरगंज दो थाने हैं लेकिन न तो अवैध कब्जों को कोई देखता है और न ही कुछ कहता है। हां यहां से आने-जाने वाले लोग जरूर मनाते हैं कि काश हर दिन रविवार जैसा हो तो कम से कम इस सड़क पर जाम से राहत मिल जाए।

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