गंदगी, काकरोच देख बंद कराई गई कानपुर सेंट्रल की आइआरसीटीसी कैंटीन

सेंट्रल स्टेशन की इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन से संबद्ध कैंटीन आरके फूड्स प्रोडक्ट्स की हालत देख संसदीय यात्री सुविधा समिति की सदस्य अंजुम मखीजा का पारा चढ़ गया।

कानपुर (जेेएनएन)। ‘अरे इतनी गंदगी में बन रहा भोजन यात्रियों को परोसा जाता है, ऐसा इससे पहले कहीं नहीं देखा…। सेंट्रल स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन (आइआरसीटीसी) से संबद्ध कैंटीन आरके फूड्स प्रोडक्ट्स की हालत देख संसदीय यात्री सुविधा समिति की आठ सदस्यीय टीम की सदस्य अंजुम मखीजा का पारा चढ़ गया।

सोमवार सुबह सवा दस बजे निरीक्षण कर रही टीम को कैंटीन में बजबजाती गंदगी और काकरोच की फौज दिखी। इसी बीच वहां पर अंडा करी खा रहे एक यात्री ने पूछे जाने बताया कि इसके लिए साठ रुपये कीमत ली गई। 55 रुपये की चीज ओवरचार्जिंग कर 60 रुपये में बेचे जाने पर नाराज टीम ने खड़े डिप्टी सीटीएम डा. जितेन्द्र कुमार से एक लाख रुपये जुर्माना के लिए कहा और तुरंत कैंटीन बंद करने का आदेश दिया। कैंटीन बंद कराकर टीम स्टेशन का निरीक्षण करने चल पड़ी।

जीएम अवार्ड की करेंगे अनुशंसा
टीम ने प्लेटफार्म चार-पांच के अलावा अन्य प्लेटफार्म पर साफ-सफाई के लिए स्टेशन अधीक्षक आरपीएन त्रिवेदी की पीठ थपथपाई। कहा कि स्टेशन पर काफी बदलाव आ गया है। यहां बच्चों को दूध पिलाने के लिए यात्री प्रतीक्षालय में कवर्ड केबिन भी है। कानपुर आते रहने वाले समिति के चेयरमैन कैलाशनाथ शर्मा बोले, पहले सब-वे से निकलते समय नाक पर रूमाल रखते थे, अब अच्छा है। साफ-सफाई के लिए वे बोर्ड से जीएम अवार्ड देने की अनुशंसा करेंगे।

व्हीलर बंद, पचास हजार जुर्माना
सुरंग के रास्ते प्लेटफार्म चार-पांच पर पहुंची टीम को एच. व्हीलर (बुक स्टाल) बंद मिला। टीम ने नाराजगी जताते हुए पचास हजार रुपये का जुर्माना लगा दिया।

कैब-वे व मुसाफिर खाना बनाएं
प्लेटफार्म नौ का जायजा लेने के दौरान टीम ने वहां दिल्ली की तर्ज पर कैब-वे बनाने का सुझाव दिया। एडीआरएम एके द्विवेदी और स्टेशन डायरेक्टर डा. जितेन्द्र ने बताया कि इसका प्रस्ताव दिया जा चुका है। टीम ने घंटाघर की तरफ खाली जगह देख वहां मुसाफिर खाना बनाने का सुझाव दिया।

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