कानपुर में चल रहे सेना भर्ती में छाए यूपी के युवा

देश को कई प्रधानमंत्री और कद्दावर नेता देने वाले यूपी के युवा अब सेना में भी अपना दमखम दिखा रहे हैं। लखनऊ भर्ती जोन के 15 जिलों में कानपुर देहात के युवाओं का दम सबपर भारी है। वहीं यूपी में मेरठ के युवा दौड़ में बेजोड़ हैं। बस चिंता की बात यह है कि शहरी क्षेत्रों के युवाओं को पान मसाला, डोपिंग और नशा खोखला कर रहा है फिर भी यूपी का कोई सानी नहीं है। हर साल लगभग 80 हजार नए जवान तैयार किए जाते हैं। इसमें से एक चौथाई ज्यादा जवान यूपी देता है। यह कहना है यूपी और उत्तराखंड के डायरेक्टर जनरल ब्रिगेडयर जनरल संदीप सहगल का।

यूपी में सेना भर्ती रैली का सिलसिला शुरू हो गया है। बरेली के बाद कानपुर के कैंट कैवलरी ग्राउंड में शनिवार को भर्ती शुरू हुई। लखनऊ भर्ती जोन के 15 जिलों के युवा अपना दमखम दिखाने को तैयार है। इस बार 106000 युवाओं ने देश प्रेम के जज्बे के साथ सेना का हिस्सा बनने के लिए ऑन लाइन आवेदन किया है। इनमें सबसे ज्यादा कानपुर नगर और देहात से हैं। उसके बाद उन्नाव का नंबर आता है।

पंजाब और हरियाणा जैसा जुनून
भर्ती के पहले दिन आए यूपी और उत्तराखंड के डायरेक्टर जनरल ब्रिगेडयर संदीप सहगल ने कहा कि यूपी के युवाओं में बहुत दमखम है। पंजाब व हरियाणा की तरह यहां के युवा भी जूनूनी हैं। यूपी के 75 जिलों में हर साल भर्ती रैली होती है। यहीं वजह है कि हर साल की भर्ती डिमांड का एक चौथाई जवान यूपी का होता है। उत्तराखंड के 15 जिलों में अलग परीक्षा होती है। बरेली व वाराणसी में परीक्षा हो चुकी है। तीसरे चरण में कानपुर में हो रही है।

अब पहले होगी लिखित परीक्षा
लखनऊ जोन में कानपुर देहात से बहुत उम्मीद रहती है। यहां से हर साल लगभग 10 हजार आवेदन आते हैं। इसमें दो या तीन फीसदी परीक्षा पास कर लेते हैं। कानपुर, उन्नाव, बांदा, हमीरपुर, चित्रकूट, औरैया से भी सेना अच्छे जवान मिलने की उम्मीद रखती है। सेना भर्ती की प्रक्रिया में बदलाव होने वाला है। अभी तक शारीरिक दक्षता पास करने के बाद होने वाली लिखित परीक्षा पहले होगी। इसका प्रयोग अन्य प्रांतों में शुरू हो गया हैं।

पान मसाला और नशा कर रहा खोखला
भर्ती में आए अधिकारियों ने कई युवाओं को दांत देखकर पान मसाला खाने से टोका। अफसरों का कहना है कि पान मसाला और शराब की लत ग्रामीण अंचलों तक पहुंच गई है। यह बाहर से ठोस दिखने वाले युवाओं को अंदर से कमजोर रही है। फिर भी यह देखा गया है कि तैयारी करने वाले युवा इससे दूर रहते हैं।

इंजेक्शन लेकर पहुंचते हैं
कई युवा तो नशे का इंजेक्शन लगाकर पहुंचते हैं। ब्रिगेडयर संदीप सहगल का कहना है कि अक्सर नशे की दवा या इंजेक्शन लेकर पहुंचने वाले युवा दौड़ पूरी करने के बाद गिर जाते हैं और मुंह से फेना छोड़ देते हैं। युवाओं के बैग की तलाशी में दवाएं मिलती है।

मई तक परीक्षा शेड्यूल
15 से 28 अप्रैल तक कानपुर (यूपी)
24 से 29 अप्रैल तक गौजर (उत्तराखंड)
5 से 15 मई तक मैनपुरी (यूपी)

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