रोडवेज बस अड्डे पर नहीं बिकेंगे समोसा-बर्गर

रोडवेज बस अड्डे के मुहाने पर धूल,गरदा के बीच बेची जाने वाली आलू टिकिया पर अग्रिम फैसले तक रोडवेज प्रबंधन ने रोक लगा दी है। साथ ही समोसा, बर्गर, वेज रोल तब तक नहीं बिकेगा। जब तक इनको रखने के लिए कैंटीन और स्टाल में कांच का केबिन ठेकेदार नहीं बनवा लेता। गौरतलब है कि हिन्दुस्तान ने रोडवेज बस अड्डे पर खुले में रखकर खानपान चीजों की हो रही बिक्री को फोटो सहित प्रकाशित किया था। क्षेत्रीय प्रबंधक नीरज सक्सेना के निर्देश पर एआरएम राजेश सिंह ने इस पर रोक लगा दी। बस अड्डे के मुहाने पर बनी कैंटीन में आलू टिकिया के अलावा समोसा, बर्गर और वेज रोल खुले में रखे रहते थे। जबकि इसके ठीक सामने बसें आती और जाती थीं, इनकी धमाचौकड़ी से उड़ने वाली धूल खानपान चीजों पर जमा होती थी। मजबूरी में यात्री इनको खाते थे। यात्रियों के स्वास्थ्य के मद्देनजर रोडवेज प्रबंधन ने तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। भविष्य में झकरकटी बस अड्डे पर आलू टिकिया नहीं बिकेगी। राजेश सिंह ने बताया कि समोसा, बर्गर और वेज रोल के लिए तय की गई व्यवस्था कैंटीन में भी प्रभावी रहेगी। वहां पर भी कांच का केबिन बनाना होगा। इसके लिए ठेकेदार को बुला नसीहत दे दी गई है। इसके बावजूद खुले में ये चीजें बिकते मिली तो तत्काल उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

झकरकटी रोडवेज बस अड्डे पर खुले में रखकर बेचा जा रहा समोसा और बर्गर सेहत के लिए घातक हो रहा है। सेंट्रल के कैंट साइड की जजर्र रोड पर वाहन तो दूर पैदल तक चलना भी लोगों के लिए आफत से कम नहीं है।

आखिरकार मोतीझील शुक्रवार को एक बार फिर अपने वजूद में लौट आया। 24 घंटे के भीतर ही हरकत में आए नगर निगम के अफसरों ने लोअर गंगा कैनाल के बंद हुए नॉब को खोल दिया। शाम तक यहां की झील पानी से लबालब हो गई। कारगिल पार्क में स्वामी विवेकानंद की मूर्ति की स्थापना करने के लिए मोतीझील का पानी ही नगर निगम ने बंद कर दिया था। आठ मीटर की गहरी झील में पानी 4 मीटर तक ही रह गया था। अधिकांश हिस्सा सूख जाने के कारण झील की मछलियां मर गई थीं। हिन्दुस्तान ने शुक्रवार के अंक में इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया था। आखिरकार नगर आयुक्त ने सुबह ही उद्यान अधीक्षक को निर्देश दिया कि झील में पानी फौरन भरा जाए। लिहाजा लोअर गंगा कैनाल से आने वाले पानी का नॉब को खोल दिया गया। शाम को पांच बजे तक झील में फिर से पानी भर गया। अपर नगर आयुक्त ने बताया कि झील में फिर से मछलियां डाली जाएंगी।

कमलेश चन्द्र एसीएम-6, अभय नारायण राय क्षेत्रधिकारी, प्रो. आरसी गुप्ता प्रमुख अधीक्षक, डॉ. आनंद कुमार अफसर इंचार्ज भवन,डॉ. प्रशांत त्रिपाठी अफसर इंचार्ज कैम्पस,डॉ. एसके सिंह मेडिकल अफसर, विनोद कुमार अवस्थी जेई इलेक्ट्रिक,अरिवंद कुमार जेई सिविल, पवन कुमार और गोपाल श्रीवास्तव।

, डॉ. आनंद कुमार अफसर इंचार्ज भवन,डॉ. प्रशांत त्रिपाठी अफसर इंचार्ज कैम्पस,डॉ. एसके सिंह मेडिकल अफसर, विनोद कुमार अवस्थी जेई इलेक्ट्रिक,अरिवंद कुमार जेई सिविल, पवन कुमार और गोपाल श्रीवास्तव।

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