कानपुर बन गया देसी-विदेशी खजूर का हब

खजूर! वैसे तो यह सालभर बिकती है, लेकिन रमजान उल मुबारक में लगता है शायद इसकी तासीर ही बदल जाती है। देश-विदेश की खजूर का हब बन चुके कानपुर में रोज चार ट्रक (75-90 टन) इसकी खपत होती है। सेहत के लिए मुफीद मानी जाने वाली खजूर की वैराइटी की मांग दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। फिर भी चटाई वाली खजूर का आज भी कोई जोड़ नहीं है। आम दिनों में खजूर आसानी से मिलती है, लेकिन इसकी खपत बहुत ज्यादा नहीं होती। रमजान में खजूर की खपत आम दिनों से चार गुना से भी अधिक हो जाती है। कानपुर का डिप्टी पड़ाव इलाका खजूर स्ट्रीट बन चुका है जहां से पूरे प्रदेश में कई तरह की खास खजूर और इसके सह उत्पादों की आपूर्ति की जाती है।
यह हैं खास खजूर
अजवा सैफरन की कीमत 5,250 रुपए प्रति किलो है। आरजून अजवा समेत इसकी करीब 10 वैराइटी हैं। आरजून अंबर 1510, मैबरून 825, रूताब 1200 रुपए किलो और सगाई सैफरन 3675 प्रति किलो के हिसाब से बिक रही हैं। आरजून खुदारी, सफावी, सुक्केरी, सगारी रोज पेटल और सगाई विद हनी भी बेजोड़ हैं।

Advertisements