छावनी की ‘रास्ताबंदी’ पर सवाल

कानपुर : छावनी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में की गई ‘रास्ताबंदी’ पर कैंट बोर्ड के उपाध्यक्ष ने बोर्ड के मुख्य अधिशासी अधिकारी (सीईओ) से नियमों की जानकारी मांगी है। छावनी क्षेत्र में चार प्रमुख मार्गो को छोड़कर शेष अंदरूनी हिस्सों में जाने वाले मार्गो पर आवागमन में कई बंदिशें लगा दी हैं। नए निर्देशों के मुताबिक छावनी के इन क्षेत्रों में जाने के लिए क्षेत्रीय लोगों, कार्यालयों के कर्मचारियों, विवाह समारोहों में आने वालों तथा मॉर्निग वॉकर्स आदि सभी लोगों के लिए पास, वाहन पास और वैध आइडी की बाध्यता की गई है।

इसे लेकर कैंट बोर्ड के उपाध्यक्ष लखन ओमर ने बोर्ड के सीईओ हरेंद्र यादव को पत्र लिखकर रास्ताबंदी के कानूनी प्रावधानों की जानकारी मांगी है। उन्होंने पूछा है कि क्या कैंटोनमेंट एक्ट 2006 के अनुसार यहां रहने वाले निवासियों या बंगला मालिकों आदि को किसी तरह का पास जारी करने का प्रावधान है? क्या रास्तों को आंशिक या पूरी तरह से बंद करने का किसी को अधिकार है? उन्होंने पास के एवज में 75 रुपये शुल्क वसूले जाने के औचित्य पर सवाल किया है। इस संबंध में सीईओ हरेंद्र सिंह से बात की गई तो उन्होंने कैंट बोर्ड उपाध्यक्ष का पत्र मिलने की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक मार्ग पर अवरोध नहीं किया जा सकता। इस संबंध में कानूनी प्रावधानों की जानकारी की जा रही है। वहीं सेना सूत्रों का कहना है कि ये कदम लोगों को परेशान करने के लिए नहीं बल्कि सुरक्षा को लेकर उठाए गए हैं। जिनके पास वैध पहचान पत्र हैं, उन्हें कोई समस्या नहीं होगी।

 

 

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