ईद ने दस्तक दे दी है। इसका सबसे बड़ा बाजार बेकनगंज में लगता है

99992868846ईद पर इस बार ‘दिल बोले ओबेरॉय’, ‘दिल से दिल तक’ और ‘बाजीराव मस्तानी’ में पहने गए सूट की बहार रहेगी। वहीं, फिल्म ‘रईस’ का कुर्ता युवाओं की पहली पसन्द बन चुका है। पाकिस्तानी, मलेशियाई और अजमेरी टोपियां इस बार बाजार की रौनक बनी हुई हैं। ईद ने दस्तक दे दी है। इसका सबसे बड़ा बाजार बेकनगंज में लगता है। क्या अमीर और क्या गरीब। सभी की इस बाजार से खरीदारी की चाहत रहती है। यह बाजार इसलिए खास है क्योंकि जो किसी बाजार में नहीं मिलता वह यहां मिलता है। वैसे भले यहां महंगाई दिखती हो लेकिन ईद का बाजार सस्ता होता है।

गरारा-सूट पर भारी सीरियल : बेकनगंज का रेडीमेड मार्केट महिलाओं के कीमती कपड़ों के लिए जाना जाता है। ईद के बाद की सहालग के लिए खरीदारी इसी दौरान होती है। रात करीब एक बजे यहां की दुकानों पर भीड़ थी। कोई इश्कबाज फिल्म के करेक्टर वाले सूट मांग रहा था तो कोई ‘दिल बोले ओबेरॉय’ की काव्या, स्वैतलाना, गौरी और सौम्या के ड्रेस। इसी तरह ‘बाजीराव मस्तानी’ और ‘दिल से दिल तक’ के करेक्टर भी बाजार में हावी हैं। जावेद अफरोज बताते हैं कि पहले गरारा सूट चलता था लेकिन अब रोज ट्रेंड बदल जाता है। फिल्में और टीवी सीरियल बाजार पर हावी हैं। सूट की अधिकतम कीमत 2500 रुपए है। हमें चाहिए हिन्दुस्तानी टोपी : बाजार में चमकदार महंगी पाकिस्तानी (बनती भारत में है), मलेशियाई और अजमेरी टोपी की बहार है। क्रोशिया की लखनवी हिन्दुस्तानी टोपी बाजार में तलाशे नहीं मिल रही है।

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