ई-रिक्शा वाले बड़े कटियाबाज


..लो खुल गया गोविन्दपुरी पुल ….न तिथि न मुहूर्त (4/5/2017) - कानपुर : न कोई तिथि और न कोई मुहूर्त। तीन वर्ष से फर्राटा भरने को बेचैन लोगों ने मंगलवार रात खुद ही गोविन्दपुरी पुल का शुभारंभ कर दिया। पुल निर्माण […]
2016-सौगातों की खुशियां मिलीं तो रेल हादसों का दर्द भी (12/31/2016) - कानपुर :साल 2016 कुछ सपने पूरे कर गया तो कई कड़वी यादें भी दे गया। सबसे बड़ा जख्म 20 नवंबर को पुखरायां में इंदौर-राजेन्द्र नगर (पटना) एक्सप्रेस दुर्घटना ने दिया। […]
24 घंटे में 9 इंच गिरा गंगा का जलस्तर (2/24/2017) - कानपुर : तेजी से गिरते गंगा के जलस्तर ने जलकल अफसरों की नींद उड़ा दी है। 24 घंटे में गंगा का जलस्तर नौ इंच गिर गया। जलस्तर कम होने और […]
36 घंटे बाद दिल्ली-हावड़ा रूट पर दौड़ीं ट्रेनें (12/30/2016) - रूरा में ट्रेन हादसे के बाद बाधित दिल्ली-हावड़ा रूट 36 घंटे बाद चालू कर दिया गया। मेंटीनेंस के बाद गुरुवार शाम 4:56 पर डाउन मार्ग से मालगाड़ी को सबसे पहले […]
48 साल पुराने वायरस ने किया कानपुर को बीमार 48 साल पुराने वायरस ने किया कानपुर को बीमार (9/29/2016) - 48 साल पुराने वायरस ने किया कानपुर को बीमार
6.72 लाख वाट की रोशनी में आज टी-20 (1/26/2017) - गणतंत्र दिवस पर ग्रीनपार्क में इतिहास बनने जा रहा है। मैदान पर पहली बार अंतरराष्ट्रीय टी-20 मैच डे-नाइट भारत और इंग्लैंड के बीच है। 6.72 लाख वाट की दूधिया रोशनी […]
7 साल से इस गांव में नहीं हुई लड़कों की शादी, अब PM मोदी से उम्‍मीद (8/30/2015) - कानपुर. आजादी के 68 साल बीत जाने के बाद भी बिजली, सड़क और पानी की सुविधा से कई गांव कोसो दूर हैं। ऐसा ही एक गांव कानपुर के ग्राम सभा सेन पश्चिम पारा में है। इस गांव में आज तक बिजली नहीं आई है। इसकी वजह से गांव के सभी युवा लड़के पिछले सात साल से कुंवारे बैठे हैं। बिजली नहीं होने का असर अब युवाओं की जीवनशैली पर भी पड़ने लगा है। गांव के नौजवानों को अब पीएम मोदी से काफी उम्‍मीदें हैं। मोदी ने बीते स्‍वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से वादा किया था कि वे भारत के एक-एक गांव में बिजली पहुंचाएंगे। अब इन कुंवारों के सिर पर सहरा तभी बंधेगा, जब गांव में बिजली आएगी। मिली जानकारी के अनुसार, पश्चिम पारा गांव को बसे हुए 300 साल से भी ज्‍यादा हो गए हैं। गांव में पिछड़े वर्ग की संख्‍या काफी ज्‍यादा है और आबादी करीब 700 है। इनमें पुरुषों की संख्‍या करीब 500 और महिलाओं की संख्‍या 200 है। गांव में करीब 30 युवा ऐसे हैं जिनकी शादी की उम्र हो गई है। वहीं, पिछले सात साल से गांव में शहनाई तक नहीं बजी है। इसकी एक खास वजह ये है कि गांव में बिजली नहीं है।
90 फीसद स्कूली बच्चों में विटामिन डी की कमी (2/27/2017) - कानपुर : 90 फीसद स्कूली बच्चों में विटामिन डी की कमी पाई गई है। उनकी हड्डियां और शरीर का विकास धूप से परहेज करने से हृष्ट पुष्ट बच्चों की अपेक्षा […]
‘कानपुर को मिला कुछ नहीं, जो था छीन लिया’ (6/8/2015) - Got nothing to Kanpur , which was stripped ':----- पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने कहा कि केंद्र सरकार के एक साल में सबसे अधिक कानपुर की अधिक उपेक्षा की गई है। इस शहर को मिला कुछ नहीं, जो था उसे छीन लिया गया। ऐसे ही चलता रहा तो ख्यातिलब्ध औद्योगिक नगरी का अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा
अंगूठा लगाओ, अटेंडेंस दर्ज कराओ (5/17/2015) - बेसिक शिक्षा परिषद में छात्र संख्या में हेरफेर करने वाले स्कूलों पर अब केंद्र सरकार शिकंजा कसने की तैयारी में है। शैक्षिक सत्र 2016-17 से परिषदीय स्कूलों में बायोमैट्रिक अटेंडेंस […]

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