गंगा-जमुनी तहजीब और एकता का संदेश देने वाला मकनपुर मेला

चादरपोशी के साथ मकनपुर मेले का आगाज

रस्म अदायगी के साथ रविवार को ऐतिहासिक मकनपुर मेले का आगाज हो गया। क्षेत्रीय विधायक, उपजिलाधिकारी और मेला कमेटी के सदस्यों ने सैयद बद्दउद्दीन जिंदाशाह मदार की दरगाह पर चादरपोशी कर मेले का शुभारंभ किया। वहीं, मेले में पशु पालकों और जायरीनों का आना शुरू हो गया है। जिला प्रशासन की ओर मेला क्षेत्र में आने वालों के लिए समुचित प्रबंध किए गए हैं। यह मेला वंसत पंचमी तक चलेगा।

क्षेत्रीय विधायक भगवती सागर, जिलाध्यक्ष रामशरण कटियार, उपजिलाधिकारी बिल्हौर विनीत कुमार, तहसीलदार अमित गुप्ता, नायब तहसीलदार हरिश्चंद्र ने मेला कमेटी सदस्य साहिर हुसैन जाफरी, मजाहिर हुसैन जाफरी सहित अन्य सदस्यों ने मकनपुर तहसील भवन में मेले का शुभारंभ किया। विधायक ने मकनपुर मेला की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। इसी तरह एसडीएम बिल्हौर ने मकनपुर मेले को हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक बताया। वहीं, कमेटी के सदस्यों को मेला में आने वाले लोगों को बेहतर सुविधा देने की बात कही।
वहीं, बिल्हौर पुलिस क्षेत्राधिकारी मनोज गुप्ता ने बताया कि मेला क्षेत्र में दिन-रात सुरक्षाकर्मियों को तैनात गया है। वहीं, उद्घाटन पर मेला कमेटी सदस्यों दरगाह और मकनपुर मेला हाल में कई कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। इस मौके पर सिहुरा ग्राम प्रधान गिरीश चंद्र वर्मा, अमरनाथ वर्मा, आनंद गुप्ता, रामशंकर पाल, बीना कटियार आदि मौजूद रहे।

यूपी के कानपुर में बिल्हौर मकनपुर मेले में पंजाबी व बड़ोतरा प्रजाति के घोड़ों का मेला लगना प्रारम्भ हो गया है. मेले में सुल्तान, ज्वाला व चेतक आकर्षण का केंद्र हैं. हर कोई इनकी एक झलक पाने को बेताब है. जानिएं सुल्तान, ज्वाला व चेतक की खासियतImage result for घोड़ों का मेला प्रारम्भ

मकनपुर मेले में आए संडीला, हरदोई से आए हफीज खान ने बताया कि उनके पास एक लाख रुपये से लेकर 10 लाख रुपये मूल्य तक के रासी घोड़ा हैं. बताया कि उनके एरिया में पंजाबी व बड़ोतरा प्रजाति के घोड़े ही बहुतायत में पाए जाते हैं. इसलिए मकनपुर मेले में इन्हीं प्रजातियों के घोड़ा बिक्री के लिए आए हुए हैं. जबकि, मलिहाबाद, लखनऊ से आए सुल्तान नाम के घोड़ा पालक रेहानी ने बताया कि सफेद रंग के घोड़े की मांग सर्वाधिक हैं. बताया कि सुल्तान घोड़ा प्रतिदिन पांच लीटर दूध व करीब पांच किलो चना खाता है. मेले में इसकी मूल्य चार लाख रुपये है, लेकिन मांग 6 लाख रुपये की है.

जालौन से आए राधेश्याम तिवारी ने अपने काले घोड़ा चेतक के बारे में बताया कि रेसिंग के लिए लोग सर्वाधिक काले घोड़ा पसंद करते हैं. उनका चेतक पल भर में ही तेज भागने में भी सक्षम हैं. सहारनपुर से आए राशिद ने अपनी सफेद रंग की घोड़ी ज्वाला के बारे में बताया कि विवाह शादी में घोड़े की सवारी को पवित्र माना जाता हैं.

राधेश्याम ने बताया कि उनके पास सफेद रंग की घोड़ी एक लाख रुपये से लेकर 20 लाख रुपये तक की हैं. जिसमें ज्वाला घोड़ी की मूल्य तीन लाख रुपये बताई. वसंत पंचमी पर घोड़ियों की सर्वाधिक बिक्री होती है.

मकनपुर मेला कमेटी के जफर हुसैन गुड्डू ने बताया कि घोड़ा- विक्रेताओं के लिए इस बार पेयजल, चारा व चिकित्सा के लिए विशेष प्रबंध कराए गए हैं, पशु चिकित्साधिकारी से मेला एरिया में 24 घंटे डाक्टरों व दवाएं के बंदोवस्त की व्यवस्था भी कराई गई है.

ईशन नदी में पानी कम, कैसे होगी रस्म
बिल्हौर। मेला कमेटी द्वारा अनुरोध किए जाने के बाद भी मकनपुर से गुजरी पवित्र ईशन नदी में पानी न आने से क्षेत्रीय लोगों को खासी दिक्कतें हो रही हैं। दूर-दूर गांवों से आ रहे पशु विक्रेताओं को पेयजल की खासी परेशानी हो रही है।

झूले बने आकर्षण का केंद्र : मकनपुर मेले में एक दर्जन झूले लगाये गये हैं। जिसमें मौत का कुआं, उड़न खटोला, गगंनचुम्बी झूला, हाला डोला झूले के साथ मिक्की हाउस, हाईजंप झूला, घोड़ा पालना झूला आदि झूले लगे हैं। जिसमें पहले ही दिन से झूलों के पास भीड़ दिखी बच्चे झूले का आनंद लेते रहे।

दुकानदारों से मिले एसडीएम : मेले का उद्घाटन करने के बाद एसडीएम बिल्हौर ने मेले में आये सभी दुकानदारों से मुलाकात की। एक एक दुकान में जाकर दुकानें देखी व लोगों से बातचीत की। साथ मेले में आये सभी दुकानदारों का स्वागत किया। इसके बाद पशु बाजार में जाकर आये पशु विक्रताओं व व्यापारियों से मुलाकात की। मेले में किसी प्रकार की कोई दिक्कत होने पर प्रशासन को सूचना देने के लिए फोन नंबर भी बाटे गये। इसके साथ ही एसडीएम ने पानी की ब्यवस्था व बिजली की ब्यवस्था को देखा।

चप्पे-चप्पे पर रहेगी पुलिस : मेला में दिन रात भीड़ होती हैं। इसके लिए सुरक्षा ब्यवस्था के विशेष इंतजाम किये गये हैं। मेले में एक पुलिस कोतवाली खोली गई हैं। साथ ही तहसील का भी एक कैम्प लगाया गया हैं। मेले में जगह जगह पुलिस बल तैनात रहेगा। इसके साथ रात में दुकानदारों व रुकने वाले जायरीनों के लिए भी पुलिस सुरक्षा के इंतजामात किये गये हैं। मौके पर बिल्हौर सीओ ने सुरक्षा व्यवस्था को देखा।

कानपुरः मकनपुर मेले में सुगंध घोल रहा बहराइच का गुगुल लोबान

बहराइच के गुगुल लोबान के व्यापारी मकनपुर मेले में कई पुश्तों से आ रहे हैं। काफी समय पहले से इन व्यापारियों की दुकानें एलाट रहती हैं। यह व्यापारी मेले की शुरुआत से पहले ही आने का रजिस्ट्रेशन फोन से करा देते हैं। मेला कमेटी ही इन दुकानों से लोबान की खरीदारी का शुभारम्भ करती हैं। मेला कमेटी के साथ दुकानदार भी मेले में गुगुल लोबान को सुलगाकर आबोहवा को शुद्ध करने का काम करते हैं। मेले में घुसते ही गुगुल लोबान की सुगंध आने लगती हैं। बहराइच से आए दुकानदार रमेश ने बताया कि वह काफी समय से मेले में आ रहे हैं। इसके पहले उनके पिता व पूर्वज मेले में दुकान लगाते थे। मेले में बड़ी मात्रा में गुगुल लोबान की बिक्री होती हैं। यह मेले की पहचान भी हैं। दुकानदारों की माने तो मेले में ही करीब एक कुंतल से ज्यादा लोबान सुलगाया जाता हैं। कई क्वालटी का गुगुल लोबान मेले में हैं। सबके अलग-अलग भाव हैं। लोग इसे घरों में खरीदकर ले जाते हैं।
मेले में उमड़ने लगी जायरीनों की भीड़
मकनपुर मेले में गुरुवार से जायरीनों की संख्या बढ़ने लगी हैं। दूर दराज से पहुंच रहे जायरीन मेले में ही डेरा डाल रहे हैं। इसके साथ ही इनके रुकने के इंतजाम भी किये गये हैं। रैन बसेरा भी तैयार किए गए हैं। पहुंच रहे जायरीन हजरत सैय्यद वदीउद्दीन जिन्दा शाह मदार पर माथा टेककर चादरपोशी भी कर रहे है। वसंत पंचमी को हजरत सैय्यद वदीउद्दीन जिंदा शाह मदार ने हजारों जायरीन माथा टेंकेंगे। इस दिन को विशेष माना जाता हैं। दूर-दराज से पहुंचे परिवारों ने मेले में डेरा डाल दिया है। डेरा डाले लोग खुद ही भोजन पकाते हैं। इसके लिए मेले में चूल्हा लकड़ी बर्तन से लेकर सभी जरूरी सामान मिलता है। मेले में कच्चे पक्के भोजन की बड़ी दुकानें खुल गई हैं। मेले में करीब चार सौ से ज्यादा पशु व्यापारी भी डेरा डाले हुए हैं। पहुंच रहे जायरीनों को मेले में सजी दुकानें लुभा रही हैं।

 

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