अफसरों की लापरवाही की दावत में दुकानदार शहर की सड़कें खा गए

अपनी रौनक से चकाचौंध रहने वाले शहर के बाजारों पर अतिक्रमण का दाग लगा है। ऐसा नहीं कि इन्हें हटाने के प्रयास नहीं हुए, लेकिन सही प्लानिंग से काम न होने के चलते अतिक्रमण दोबारा होता गया और हर बार पहले से भी ज्यादा अतिक्रमण हुआ। अफसरों की लापरवाही की दावत में दुकानदार शहर की सड़कें खा गए। अब हालात ये है कि जिधर भी जाओ, आधे से एक घंटे का समय ज्यादा रखो। कारण साफ है कि अतिक्रमण और पार्किंग की कमी, जिसने शहर को जाम का जंजाल बना दिया है। शहर के कुछ बाजारों की हालत तो यह है कि वहां पैदल चलना भी मुश्किल है। इसी परेशानी से रूबरू कराती नीरज सिंह की ये रिपोर्ट..

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