कानपुरः झकरकटी पुल के चौड़ीकरण की बाधा खत्म

झकरकटी पुल के चौड़ीकरण की बाधा आखिरकार खत्म हो गई है। पीडब्ल्यूडी के दिल्ली स्थित हाईवे डिवीजन मुख्यालय की तरफ से भूतल एवं परिवहन राजमार्ग मंत्रालय को यहां रेलवे की जमीन खरीदने के लिए 6.40 करोड़ रुपए दे दिए गए हैं। यह रकम रेल मंत्रालय को भी भेज दी गई है। इससे यह तय हो गया है कि चौड़ीकरण का काम जल्द ही शुरू हो जाएगा।
हाईवे डिवीजन के स्थानीय अधिशासी अभियंता एसके सिंह ने बताया कि जमीन खरीदने के लिए रकम दे दी गई है। अब सर्विस लेन बनाने में कोई दिक्कत नहीं है। उन्होंने बताया कि रेलवे की कुल 1401 वर्ग मीटर जमीन ली जाएगी। अब केंद्र के दोनों मंत्रालयों के बीच सचिव स्तर की वार्ता होगी। यह भी संभव है कि रेलवे यह रकम भी वापस कर दे और जमीन मुफ्त में मुहैया करा दे। मगर यह तय है कि जमीन मिल जाएगी। फिलहाल चौड़ीकरण की कागजी प्रक्रिया फिर से तेज कर दी गई है। डिजाइन पर लगेगी कंसल्टेंट की मुहर
अब पुल के लिए तैयार की गई डिजाइन पर कंसल्टेंट की मुहर लगनी बाकी है। यह भी एक प्रक्रिया है। कंसल्टेंट की नियुक्ति के लिए पीडब्ल्यूडी ने दो बार टेंडर निकाला था मगर कोई कंपनी नहीं आई। अब तीसरी बार टेंडर निकाला गया है। इसमें दो-तीन दिनों के भीतर आवेदन आने की संभावना है। कई कंपनियों ने रुचि दिखाई है। अगर दो कंपनियां भी आती हैं तो नियम के मुताबिक उनमें से एक को नियुक्त कर लिया जाएगा। विलासपुर के ठेकेदार ब्रजेश अग्रवाल ने फौरन काम शुरू करने की हामी भर दी है। अधिशासी अभियंता ने बताया कि अगले माह से यहां का काम शुरू हो सकता है।
सर्विस लेन के लिए रेलवे की जमीन जरूरी 
पुल के चौड़ीकरण के लिए टाट मिल चौराहे से झकरकटी बस अड्डे तक एक सर्विस लेन बनाई जानी है। यह लेन तब तक नहीं बन सकती जब तक कि रेलवे अपनी जमीन न दे दे। चौड़ीकरण के लिए समानांतर पुल का निर्माण भी बिना सर्विस बनाए नहीं हो सकता। इसके लिए पीडब्ल्यूडी के हाईवे डिवीजन ने रेलवे को पत्र लिखा था। रेलवे ने जवाब में कहा था कि जमीन मुफ्त में नहीं दी जा सकती। पीडब्ल्यूडी को इस जमीन की रजिस्ट्री पैसा देकर लेनी होगी। तभी से चौड़ीकरण की इस प्रक्रिया पर एकदम से ब्रेक लग गया था। ऐसा लग रहा था कि परियोजना ही बीच में अटक जाएगी। मगर अब यह अवरोध दूर हो गया है।

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