मरीजों को राहत देने के लिए हैलट में बढ़ाए जाएंगे इंतजाम

कानपुर। हैलट अस्पताल में मरीजों की सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। इमरजेंसी के मुख्य हाल में मरीजों को मैनेज करने की जगह बनेगी। ट्रामा और मेडिसिन के मरीजों की नए तरीके से स्क्रीनिंग होगी। कोमा की हालत में आए या गम्भीर ट्रामा मरीजों के लिए अस्थायी तौर पर दो वेंटीलेटर लगाए जाएंगे। बच्चों और महिलाओं के लिए अलग आईसीयू बनेगी।

तैयार की गई रिपोर्ट
अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक प्रो. आरके मौर्या ने हैलट की इमरजेंसी का निरीक्षण करके रिपोर्ट तैयार की है। उन्होंने बताया कि ट्रामा मरीजों की स्क्रीनिंग को लेकर समस्याएं सामने आ रही हैं। आर्थोपेडिक सर्जरी और न्यूरोसर्जरी के मरीजों को एक दूसरे डॉक्टर की यूनिट में भर्ती किए जाने की बात सामने आ रही है। इसे दूर करने की कोशिश की जा रही है।

इमरजेंसी का रास्ता बदलेगा
अभी तक इमरजेंसी में आने जाने के लिए इमरजेंसी का रास्ता पीआरओ काउंटर से होकर जाता है। अब इसके बगल वाले रास्ते से मरीजों को अंदर जाएंगे। इसके अलावा अब मरीजों के तीमारदारों को अंदर जाने से रोक लगेगी। प्रमुख अधीक्षक प्रो. आरके मौर्या का कहना है कि इमरजेंसी में भीड़ कम किया जाना जरूरी है इससे इलाज प्रभावित होता है। इमरजेंसी में सीनियर रेजीडेंट मरीजों की स्क्रीनिंग करेंगे।

बच्चों-महिलाओं का अलग आईसीयू
बाल रोगियों और महिलाओं के लिए हैलट में अब अलग से आईसीयू तैयार होगा। इसके लिए एनएचएम से बजट की व्यवस्था की जाएगी। अभी तक यहां पर ज्वाइंट आईसीयू था, पर अब यह अलग हो जाएगा। प्राचार्य डॉ. आरती लाल चंदानी ने बताया कि एनएचएम की बैठक में दो आईसीयू की मंजूरी मिली है।

पीजी की सीटें बढ़ेंगी
मेडिकल कॉलेज में पोस्ट ग्रेजुएट की १०६ सीटें बढ़ेंगी। लखनऊ में हुई भारतीय चिकित्सा परिषद की बैठक में विभिन्न विभागों में पीजी सीटें बढ़ाए जाने के संबंध में मेडिकल कॉलेज को प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई। कॉलेज ने ८७ सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव दिया था। इसके अलावा डिप्लोमा की १९ सीटों को भी पीजी में शामिल कर दिया गया है।

उर्सला में शुरू हुई मुफ्त डायलिसिस