कानपुर शहर में बढ़ रहे बेरोजगार, आंकड़े खोल रहे रोजगार की हकीकत

जनवरी से लेकर जून तक 9848 महिला-पुरुषों ने सेवायोजन कार्यालय में पंजीयन कराया है।

कानपुर, जेएनएन। भले ही रोजगार मुहैया कराने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से तमाम दावे किए जाते हों, लेकिन हकीकत यह है कि अकेले कानपुर में 101237 पंजीकृत बेरोजगार हैं। सरकारी दावों की हकीकत की चुगली प्रादेशिक सेवायोजन कार्यालय के आंकड़े कर रहे हैं।

दरअसल, सोमवार को नेशनल सैंपल सर्वे ऑफिस के पीरिओडिक लेबर फोर्स सर्वे में बेरोजगारी के मामले में कानपुर जिले को छठवां स्थान मिला है। यह सर्वे जुलाई 2017 से जून 2018 के बीच हुआ था। इसकी रिपोर्ट 31 मई को जारी की गई थी। इस सर्वे में 10 लाख से अधिक आबादी वाले 45 शहरों को शामिल किया गया था। वहीं अगर बेरोजगारी दर को देखें तो यह 6.6 फीसद है। प्रादेशिक सेवायोजन कार्यालय से जुड़े विशेषज्ञों ने बताया कि रोजगार मुहैया कराने के लिए रोजगार कार्यालयों में रोजगार मेला लगाए जाते हैं। वही अभ्यर्थी सफल होते हैं जो साक्षात्कार व अन्य प्रक्रियाओं में बेहतर अंक हासिल करते हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक अधिकतर अभ्यर्थी अंग्रेजी में अच्छी पकड़ नहीं होने और कंप्यूटर में दक्षता नहीं रखने की वजह से रोजगार हासिल नहीं कर पाते। बेहतर अंग्रेजी व कंप्यूटर में दक्ष होने से उन्हें रोजगार मिल सकता है। प्रादेशिक सेवायोजन कार्यालय के सहायक निदेशक एसपी द्विवेदी कहते हैं कि रोजगार मेला लगाकर अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार दिलाने का प्रयास किया जाता है। कई आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर युवाओं के स्किल को बेहतर करने की दिशा में काम किया जा रहा है।

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