पटरी पर आने लगा है सामान्य जनजीवन, एक दिन में एक लाख से ज्यादा यात्रियों ने की घरेलू यात्रा

कोविड-19 की वजह से लागू यात्रा प्रतिबंध का सबसे अधिक असर विमानन क्षेत्र पर पड़ा है। इस बीच केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि एक दिन में 1,000 से ज्यादा विमानों और एयरपोर्ट पर दो लाख से ज्यादा यात्रियों की संख्या के साथ एक दिन में एक लाख से अधिक यात्रियों ने घरेलु उड़ानों से यात्रा की है। यानी सामान्य जनजीवन अब धीरे-धीरे पटरी पर आने लगा है।

 

13 देशों के साथ हवाई यातायात व्यवस्था के लिए जारी बातचीत
इससे पहले हवाई सेवाओं से संदर्भ में पुरी ने कहा था कि भारत 13 देशों के साथ अंतरराष्ट्रीय विमान सेवाओं के संचालन के लिए अलग से द्विपक्षीय ‘एयर बबल’ समझौता करने के लिए वार्ता चालू कर दी है। इन 13 देशों में ऑस्ट्रेलिया, जापान और सिंगापुर भी शामिल हैं।

पुरी ने कहा था कि, दो देशों के बीच द्विपक्षीय एयर बबल समझौते के तहत उनकी एयरलाइंस कुछ प्रतिबंध के साथ एक-दूसरे के यहां हवाई सेवाओं का संचालन कर सकती हैं। पड़ोसी देश श्रीलंका, बांग्लादेश, अफगानिस्तान, नेपाल और भूटान के लिए भी एयर बबल समझौते का प्रस्ताव है।

पहले इन देशों के साथ किया था समझौता
वहीं इससे पहले जुलाई में भारत ने अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, संयुक्त अरब अमीरात, कतर और मालदीव के साथ एयर बबल समझौता किया था। उन्होंने कहा, हम अब इस समझौते को आगे बढ़ाते हुए 13 अन्य देशों के साथ इस तरह की व्यवस्था करने के लिए बात कर रहे हैं।

पुरी ने कहा, भारत इन 13 देशों के अलावा अन्य देशों के साथ भी ऐसे ही द्विपक्षीय समझौते करेगा। अपने हर फंसे हुए नागरिक तक पहुंचने की हमारी हमेशा कोशिश रही है। कोई भी भारतीय छोड़ा नहीं जाएगा।

भारत में अंतरराष्ट्रीय यात्री विमानों का संचालन कोरोना वायरस महामारी की शुरुआत के बाद 23 मार्च से ही निलंबित चल रहा है। लेकिन करीब दो महीने निलंबन के बाद भारत 25 मई से अपनी घरेलू विमान सेवाएं चालू कर दी थीं। हालांकि दोबारा चालू होने के बाद से भारतीय घरेलू विमान सेवाओं में यात्री दर 50-60 फीसदी के आसपास ही रहा है।

क्या होता है एयर बबल?
कोरोना महामारी के दौरान सामने आए नए शब्दों में से एयर बबल भी एक है। इसके तहत दो देशों के वैध वीजा वाले यात्री एक-दूसरे के यहां कुछ प्रतिबंधों का पालन करते हुए बिना परेशानी के यात्रा कर सकते हैं। यह यात्राएं बिजनेस और पर्यटन, दोनों के लिए हो सकती हैं।