अपना कानपुर नगर

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कानपुर हर वर्ग के लोगों के लिए सस्ता-सुलभ शहर है।
यहां कोई भी आदमी अपने आपको एडजस्ट कर लेता है 
और कमा-खा सकता है। या कहिए कानपुर सबको गले लगा लेता है।

  कानपुर २४ मार्च १८०३ में कानपुर को एक जिला घोषित किया गया था


कानपुर नगर जिला (अंग्रेज़ी: Kanpur Nagar district, उर्दू: کان پور شہر ضلع) भारतीय राज्य उत्तर प्रदेश का एक जिला है। इसका मुख्यालय कानपुर है। यह जिला कानपुर मंडल का हिस्सा है। १९७७ में इस जिले से कानपुर देहात जिला अलग हो गया। १९७९ में पुनः इन दोनों जिलों का एकीकरण हुआ और एक बार फिर १९८१ में दोनों जिले अलग हो गए।इसका क्षेत्रफल 3,029 किमी2 (1,170 वर्ग मील)है।

कानपुर भारतवर्ष के उत्तरी राज्य उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख औद्योगिक नगर है। यह नगर गंगा नदी के दक्षिण तट पर बसा हुआ है। प्रदेश की राजधानी लखनऊ से ८० किलोमीटर पश्चिम स्थित यहाँ नगर प्रदेश की औद्योगिक राजधानी के नाम से भी जाना जाता है। ऐतिहासिक और पौराणिक मान्यताओं के लिए चर्चित ब्रह्मावर्त (बिठूर) के उत्तर मध्य में स्थित ध्रुवटीला त्याग और तपस्या का संदेश दे रहा है। यहाँ की आबादी लगभग ४५.७२,९५१ है।

शहर और मोहल्ले

कानपुर नगर के महत्वपूर्ण शहर और कस्बें निम्न है-

उत्तरी कानपुर – बिठूर, मंधना, कल्याणपुर

पश्चिमी कानपुर – रावतपुर, पनकी

पूर्वी कानपुर – जाजमऊ, चकेरी, रूमा

दक्षिणी कानपुर – गोविन्द नगर, किदवई नगर, नौबस्ता, बर्रा, यशोदा नगर, श्याम नगर, हंसपुरम, जरौली, दामोदर नगर, कोयला नगर, तात्याटोपे नगर

मध्य कानपुर – सिविल लाइन्स, कानपुर छावनी, नवाबगंज, जनरलगंज, स्वरुप नगर, अनवरगंज, गुमटी, परेड, कर्नलगंज, पटकापुर


 जनसांख्यिकी

2011 की जनगणना के अनुसार कानपुर नगर जिले की आबादी २९,२०,०६७ (जिसमें पुरुष १५,८४,९६७, महिलाऐं१३,३५,१००)है। यह इसे भारत के ६४० जिलों में ३२वा स्थान देता है। इस जिले का घनत्व १४४९ प्रति वर्ग कि.मी. है। २००१-२०११ के दौरान जनसँख्या में ९.७२% की वृद्धि दर्ज की गयी। यहाँ की लिंगानुपात दर प्रति १००० पुरषों पर ८५२ महिलाओं की है। साक्षरता दर ८१.३१% है। यहाँ पर हिन्दू और मुस्लिम प्रमुख धर्म है। ७६% हिन्दू, २०% मुस्लिम, १.७% जैन तथा २.३% अन्य धर्मों के मतावलंबी है।


आवागमन

वायु मार्ग
लखनऊ का अमौसी यहां का निकटतम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है, जो लगभग ६५ किमी. की दूरी पर है। कानपुर का अपना भी एक हवाई अड्डा है लेकिन वो केवल दिल्ली और लखनऊ से ही जुड़ा हुआ है।

रेल मार्ग
कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन देश के विभिन्न हिस्सों से अनेक रेलगाड़ियों के माध्यम से जुड़ा हुआ है। दिल्ली, झाँसी, मथुरा, आगरा, बांदा, जबलपुर आदि शहरों से यहाँ के लिए नियमित रेलगाड़ियाँ हैं। शताब्दी, राजधानी, नीलांचल, मगध विक्रमशिला, वैशाली, गोमती, संगम, पुष्पक आदि ट्रेनें कानपुर होकर जाती हैं।

सड़क मार्ग
देश के प्रमुख शहरों से कानपुर सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है। राष्ट्रीय राजमार्ग 2 इसे दिल्ली, इलाहाबाद, आगरा और कोलकाता से जोड़ता है, जबकि राष्ट्रीय राजमार्ग 25 कानपुर को लखनऊ, झांसी और शिवपुरी आदि शहरों से जोड़ता है।


जलवायु

कानपुर यात्रा का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से नवंबर या फरवरी-मार्च  है

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शिक्षण संस्थान

भारतीय दलहन अनुसन्धान संस्थान
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर
हरकोर्ट बटलर प्रौद्योगिकी संस्थान (एच बी टी आई)
राष्ट्रीय शर्करा संस्था
गणेश शंकर विद्यार्थी मेडीकल कालेज
ओ एफ आइ सी कानपुर

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कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव, पॉलिटीशियन एवं बीसीसीआई के वरिष्ठ अधिकारी राजीव शुक्ला, गायक अभिजीत भट्टाचार्य, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं पत्रकार गणेश शंकर विद्यार्थी, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं गीतकार हसरत मोहानी, मशहूर थिएटर आर्टिस्ट गुलाब बाई, वरिष्ठ पत्रकार पूर्ण चंद्र, गीतकार गोपाल दास नीरज, कलाकार अरुण बाली, मिमिक्री आर्टिस्ट एवं अभिनेता ऋषभ शुक्ला, एक्ट्रेस पूनम ढिल्लन, एक्टर कंवलजीत, मशहूर फिल्म डायरेक्टर अश्वनी धीर, कलाकार साधना सिंह, एक्टर रतन राठौर, धूम फिल्म सिरीज के डायरेक्टर विजय कृष्ण आचार्य, कॉमेडी एक्टर मनमौजी, रम्पत नौटंकीवाले, कॉमेडियन राजन श्रीवास्तव, कॉमेडियन राजीव निगम, एक्ट्रेस-पॉलिटीशियन और समाजसेवी सुभाषिनी अली, आजाद हिन्द फौज कैप्टन डॉ. लक्ष्मी सहगल, डायरेक्टर शादअली, सिंगर व रैपर हार्ड कौर, एक्टर अपूर्व अग्निहोत्री, एक्टर गौरव खन्ना, एक्ट्रेस कृतिका सेंगर, कोरियोग्राफर अभिषेक अवस्थी, गायक एवं संगीतकार अंकित तिवारी, कार्टूनिस्ट असीम त्रिवेदी आदि।

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2 responses to “अपना कानपुर नगर

  1. शासन हो या उच्च न्याया लय का आदेश नहीं सुन रहे सरकारी अधिकारी और कर्मचारी….मामला उत्तर प्रदेश के कानपूर जिले से जुड़ा है जहाँ रिहायशी इलाको में चल रही अवैध फैक्ट्रियों को बंद कराने का आदेश माननीय उच्च न्यायलय ने जारी किया था तमाम टाल मटोल के बाद प्रशासन की नींद खुली कई विभागों की संयुक्त टीम बनाई गई जिसमे शहर के सबसे ज्यादा नाकारा विभाग” प्रदुषण नियत्रण विभाग”को भी शामिल किया गया जिसके आशीर्वाद से ही हम कानपुर वासी दुनिया के नौवे सबसे प्रदूषित सहर में रहने वाले प्राड़ी बन गए…तमाम फैक्ट्रियां सील भी कर डाली गयी एक पल को लगा की अब कानपूर के रिहायशी इलाको को प्रदूषण से निजात मिलेगी…पर महज वन डे शो बनकर रह गया अभियान ।। जिलाधिकारी जो की वाकई में एक काबिल महिला अफसर है उनके आदेश हवा हो गए न्यायलय के आदेशो का पालन गया भाड़ में….सबसे अचंभित करने वाली बात ये है की सील होने के बावजूद जहर घोलने वाली फैक्ट्रियां कैसे चल रही है किसने अनुमति दी….जिला प्रशासन जनता को जवाब दे की क्या उसके अधिकारियो ने क्या ले लिया की कानपुर की आवो हवा और पानी में जहर घोलने वाली इकाईयां सीलिंग के बाद भी चल रही है आखिर उन्हें औद्योगिक इलाको में शिफ्ट किस दबाव में नहीं कराया जा रहा।।

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